Darbhanga News: दरभंगा में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए 102 एम्बुलेंस सेवा को हाई अलर्ट पर रखा गया है. बिहार सरकार के सहयोग से ज़ेन प्लस सर्विसेज द्वारा संचालित एम्बुलेंस सेवा ने संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है.
प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव ने जिले में संचालित सभी एम्बुलेंस और कॉल सेंटर टीमों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों तक बिना देरी चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके.
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गर्मी जनित बीमारियों को लेकर बढ़ाई गई तैयारी
भीषण गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, लू लगना, चक्कर आना, बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ और अन्य गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया गया है.
सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एम्बुलेंस कर्मियों को आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और इमरजेंसी कॉल मिलते ही तत्काल मरीज तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं.
जिले में कितनी एम्बुलेंस दे रही हैं सेवा?
| एम्बुलेंस का प्रकार | संख्या |
|---|---|
| एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) | 20 |
| बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) | 52 |
| शव वाहन | 3 |
| कुल वाहन | 75 |
हर एम्बुलेंस में प्रशिक्षित मेडिकल टीम
102 एम्बुलेंस सेवा के तहत प्रत्येक वाहन में चालक के साथ प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) तैनात हैं. ये मरीज को अस्पताल पहुंचाने से पहले आवश्यक प्राथमिक उपचार देने में सक्षम हैं.
इसके अलावा किसी भी जटिल स्थिति में 24 घंटे अनुभवी एमबीबीएस डॉक्टरों की टीम वीडियो कॉल के माध्यम से एम्बुलेंस कर्मियों का मार्गदर्शन करती है.
लोगों से की गई यह अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भीषण गर्मी के दौरान बिना जरूरत धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर में पानी की कमी न होने दें.
यदि किसी व्यक्ति को लू लगने, चक्कर आने, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी जैसी समस्या हो तो बिना देर किए 102 एम्बुलेंस सेवा की सहायता लें, ताकि समय पर इलाज मिल सके.
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि बढ़ते तापमान को देखते हुए कॉल सेंटर से लेकर फील्ड में कार्यरत सभी एम्बुलेंस टीमों को अलर्ट मोड में रखा गया है. उद्देश्य यह है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों तक जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके.
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