दरभंगा: व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन किया गया. प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार संतोष कुमार पांडेय, डीएम कौशल कुमार, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारड्डी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.
इस अवसर पर प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति एवं सुलह के आधार पर विवादों का त्वरित और सुलभ समाधान सुनिश्चित करना है. इससे न्यायालयों में लंबित वादों का बोझ कम होता है तथा आम नागरिकों को शीघ्र न्याय मिलने में मदद मिलती है.
डीएम कौशल कुमार एवं एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारड्डी ने भी राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिलेवासियों से इसका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की.
दरभंगा, बेनीपुर और बिरौल में 30 बेंच गठित
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 30 बेंचों का गठन किया गया था. इनमें व्यवहार न्यायालय दरभंगा में 22, बेनीपुर में चार तथा बिरौल में चार बेंच शामिल हैं.
इन बेंचों पर शमनीय आपराधिक वाद, एनआई एक्ट की धारा 138 के मामले, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, विद्युत एवं पानी बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, सेवा संबंधी मामले और अन्य दीवानी वादों की सुनवाई की गयी.
1500 ट्रैफिक चालानों का अब तक निपटारा
आम नागरिकों की सुविधा के लिए प्रेक्षागृह दरभंगा के पास लंबित ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए विशेष शिविर लगाया गया. डीटीओ ने बताया कि अब तक करीब 1500 ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया जा चुका है. काउंटरों पर चालान निपटारे का काम जारी था.
लोक अदालत के उद्घाटन के बाद प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी काउंटरों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये.
कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद थे.
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