दरभंगा के बिरौल से शंकर सहनी की रिपोर्ट
Darbhanga Health Camp: बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के बैनर तले सोमवार को बिरौल प्रखंड के सुपौल पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 12 में एक दिवसीय समेकित स्वास्थ्य शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया. इस शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच की गई. शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराना और एड्स जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति आम जनमानस में व्यापक जागरूकता फैलाना था.
ग्रामीणों को दिए संचारी रोगों से बचाव के टिप्स
शिविर के दौरान तैनात कुशल स्वास्थ्य कर्मियों ने आने वाले मरीजों का ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर, वजन और हीमोग्लोबिन की मुफ्त जांच की. इसके साथ ही लोगों को एचआईवी/एड्स, टीबी, मलेरिया और अन्य खतरनाक संचारी रोगों (Communicable Diseases) के लक्षण व उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. स्वास्थ्य टीम द्वारा ग्रामीणों को सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाने, आसपास साफ-सफाई रखने और बेहतर पोषण संबंधी जरूरी चिकित्सकीय सलाह दी गई. जांच के उपरांत डॉक्टरों के परामर्श के अनुसार मरीजों के बीच मुफ्त दवाइयों का भी वितरण किया गया.
गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच
समेकित शिविर में पहुंचीं गर्भवती महिलाओं की विशेष रूप से स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल जाने (संस्थागत प्रसव) के लिए प्रेरित किया गया.
किशोरियों को दिया स्वच्छता का संदेश
इसके साथ ही गांव की किशोरियों को माहवारी स्वच्छता (Menstrual Hygiene) प्रबंधन और शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए आयरन की गोली के फायदों के बारे में बारीकी से समझाया गया. मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर स्वास्थ्य जागरूकता की कमी के कारण छोटी बीमारियां भी गंभीर रूप ले लेती हैं.
नियमित रूप से शिविर लगाने की उठी मांग
स्वास्थ्य जांच शिविर में लाभ लेने पहुंचे स्थानीय नागरिक चन्द्र विजय प्रसाद साहू ने इस पहल की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए यह शिविर बेहद उपयोगी साबित हुआ है और प्रशासन को क्षेत्र में ऐसे कैंपों का नियमित रूप से आयोजन करना चाहिए ताकि गरीबों को भटकना न पड़े. इस दौरान वार्ड के दर्जनों ग्रामीणों ने उपस्थित होकर कैंप का सीधा लाभ उठाया.
इस जनहित कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से स्वास्थ्य कर्मी संतोष कुमार, सुशीला कुमारी, पुष्पा कुमारी, रेखा कुमारी, कुमुंद रंजन, आंचल कुमारी, संगीता कुमारी सहित कई अन्य पैरामेडिकल स्टाफ और स्थानीय समाजसेवियों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई.
