Manigachhi News: नेहरा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में मखाना फोड़ने का व्यवसाय करने वाले दिलीप सहनी और उनकी पत्नी नदिया देवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. दिलीप सहनी मूल रूप से बहेड़ा थाना क्षेत्र के घोंघिया गांव के निवासी हैं और वर्तमान में अपने ससुराल जगदीशपुर में रहकर मखाना व्यवसाय करते हैं.
चार नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराने का आरोप
थानाध्यक्ष मोती कुमार ने बताया कि बिरौल थाना के अपर थानाध्यक्ष सह बाल कल्याण पदाधिकारी के आवेदन पर दिलीप सहनी, उनकी पत्नी नदिया देवी और पुत्री मनीषा कुमारी के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है.
आवेदन के अनुसार, 5 अगस्त की सुबह एसएच-17 स्थित कोठी पुल के पास पुलिस ने चार नाबालिग बच्चों को दंपती के साथ देखा. बच्चों ने पुलिस को बताया कि उनसे जगदीशपुर में मखाना फोड़ने का काम कराया जाता था तथा मारपीट और गाली-गलौज भी की जाती थी. प्रताड़ना से तंग आकर वे सुबह चार बजे वहां से भाग निकले थे, लेकिन दंपती उनका पीछा कर उन्हें वापस ले जाने का प्रयास कर रहा था.
अग्रिम राशि देकर कराया जाता था काम
पुलिस के अनुसार, बच्चों में तिलकेश्वर थाना क्षेत्र के अरथुआ गांव की दो बच्चियां, एक बालक तथा खगड़िया जिले के अलौली थाना क्षेत्र का एक बालक शामिल है.
पूछताछ में दिलीप सहनी ने बताया कि एक बच्ची को 4 हजार रुपये प्रतिमाह तथा अन्य तीन बच्चों को 3 हजार रुपये प्रतिमाह पर काम पर रखा गया था. बच्चों के परिजनों को अग्रिम राशि भी दी गई थी.
बाल श्रम अधिनियम के तहत केस
थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में बाल श्रम अधिनियम एवं बाल उत्पीड़न अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दिलीप सहनी और नदिया देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
