दरभंगा: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध दर्ज एफआईआर के विरोध में मंगलवार को दरभंगा जिला कांग्रेस कमेटी अर्बन के तत्वावधान में पैदल मार्च निकाला गया. जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय से ब्रह्मस्थान होते हुए लहेरियासराय तक निकाले गये मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
एफआईआर वापस लेने की मांग
मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की. कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस के समर्थन में भी नारे लगाये.
मार्च के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चित्र का दहन कर विरोध जताया गया.
जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से धोया. उन्होंने इसे आपत्तिजनक और शर्मनाक बताते हुए कहा कि राहुल गांधी ने इसी मानसिकता के खिलाफ आवाज उठायी थी. इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है.
एफआईआर वापस नहीं हुई तो दिल्ली तक संघर्ष की चेतावनी
डॉ. जमाल हसन ने कहा कि एफआईआर से राहुल गांधी या कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि यदि एफआईआर वापस नहीं ली गयी और कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से धोने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की कथित नफरत और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ सड़क से लेकर दिल्ली तक संघर्ष करेंगे.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रखेगी.
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल
कार्यक्रम में दयानंद पासवान, रामपुकार चौधरी, इंद्रकांत चौधरी, एहसान सिद्दीकी, प्रिंस परवेज, उदित नारायण चौधरी, राघवेंद्र कुंवर, अरशद खान, बसंत झा, शादाब अतिकी, बिमलेन्दु ठाकुर, एजाज खान, शिबली नोमानी, मो. अंसार हसन, लखन कुमार, मो. नौशाद अली, मो. शफी, मिथिलेश यादव और मो. वसीम अहमद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे.
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