Darbhanga News: दरभंगा में 23 जुलाई को हुए विरोध-प्रदर्शन के मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष जमाल हसन ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि जिस दिन प्रदर्शन हुआ, उस दिन वह दरभंगा में मौजूद ही नहीं थे. उन्होंने प्रशासन से अपने मोबाइल की लोकेशन की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि बिना तथ्य के उनका नाम एफआईआर में जोड़ना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.
घटना के दिन दिल्ली में होने का किया दावा
जमाल हसन ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वह 19 जुलाई से 22 जुलाई तक कोलकाता में थे. इसके बाद 22 जुलाई को सियालदह से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए और 23 जुलाई की सुबह 11:10 बजे दिल्ली पहुंचे. उनका कहना है कि ऐसे में 23 जुलाई को दरभंगा में हुए विरोध-प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी का सवाल ही नहीं उठता.
मोबाइल लोकेशन जांचने की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उनके मोबाइल फोन की लोकेशन की जांच कराई जाए. उनका कहना है कि इससे सच्चाई सामने आ जाएगी और स्पष्ट हो जाएगा कि घटना के समय वह दरभंगा में नहीं थे.
बिना तथ्य नाम जोड़ना बताया गलत
जमाल हसन ने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के उनका नाम एफआईआर में शामिल किया गया है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को तथ्यों की पुष्टि किए बिना आरोपी बनाना उचित नहीं है.
न्यायालय जाने की दी चेतावनी
उन्होंने कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे. साथ ही उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की.
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