दरभंगा: मां श्यामा मंदिर न्यास समिति की कार्यप्रणाली के विरोध में मंदिर परिसर में बिना अनुमति धरना देना प्रदर्शनकारियों को महंगा पड़ गया है. विश्वविद्यालय थाना पुलिस अब धरना में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी कर रही है. इसकी पुष्टि विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष ने की है.
धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मंदिर प्रबंधन, वित्तीय अनियमितताओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे. हालांकि इन आरोपों पर न्यास समिति की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
एसडीओ ने मंदिर परिसर में धरने की नहीं दी थी अनुमति
जानकारी के अनुसार नवगठित मां श्यामा न्याय मंच ने धरना आयोजित करने के लिए सदर एसडीओ गौरव कुमार से अनुमति मांगी थी. एसडीओ ने कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताते हुए संगठन को लहेरियासराय स्थित निर्धारित धरना स्थल पर कार्यक्रम करने का निर्देश दिया था. मंदिर परिसर में धरना देने की अनुमति नहीं दी गई थी.
इसके बावजूद बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने श्यामा मंदिर परिसर में धरना देकर 14 सूत्री मांगों को उठाया.
न्यास समिति पर लगाए कई गंभीर आरोप
धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मंदिर में कुव्यवस्था और अराजकता का माहौल है. उन्होंने न्यास समिति पर भ्रष्टाचार, बिना निविदा लाखों-करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों में धन निकासी, वित्तीय अनियमितता और नवाह के बाद साड़ी गोदाम में लगी आग की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की.
इसके अलावा मंदिर प्रबंधन में बाहरी लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए.
डीएम हैं पदेन सचिव
मां श्यामा मंदिर न्यास समिति के पदेन सचिव जिला पदाधिकारी (डीएम) कौशल कुमार हैं, जबकि समिति के अध्यक्ष ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एस.एम. झा हैं.
एफआईआर की तैयारी, एसडीओ ने मांगी रिपोर्ट
सदर एसडीओ गौरव कुमार ने बताया कि मामले में एलएनएमयू थाना अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने कहा कि मौखिक रूप से भी जानकारी ली जा रही है और पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने धरना में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
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