Darbhanga News: दरभंगा बिरौल अनुमंडलीय अस्पताल से दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) रेफर होने वाले गंभीर मरीजों से सरकारी एंबुलेंस के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है. सरकार की ओर से पूरी तरह मुफ्त घोषित इस सेवा के बदले एंबुलेंस चालक मरीजों के परिजनों से जबरन 300 से 500 रुपये तक वसूल रहे हैं.
परिजनों का आरोप: मजबूरी का फायदा उठा रहे चालक
मरीजों के परिजनों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एंबुलेंस चालक अस्पताल से निकलते समय कुछ नहीं कहते, लेकिन DMCH पहुंचते ही पैसों की मांग शुरू कर देते हैं.
- मजबूरी में भुगतान: मरीज की नाजुक स्थिति और विवाद से बचने के लिए परिजन चुपचाप पैसे देने को मजबूर हैं.
- आनाकानी का डर: विरोध करने पर चालकों द्वारा भविष्य में एंबुलेंस न देने या देर करने की धमकी दी जाती है.
सरकारी नियम बनाम जमीनी हकीकत
स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार 102/108 और अस्पताल की एंबुलेंस सेवाएं पूरी तरह मुफ्त हैं. चालकों का वेतन और ईंधन (डीजल) का खर्च सरकार वहन करती है. इसके बावजूद बिरौल से DMCH की दूरी के नाम पर यह वसूली बेधड़क जारी है. अस्पताल परिसर में इस सेवा के निःशुल्क होने का कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है.
अधिकारियों ने साधी चुप्पी
स्थानीय लोगों ने सिविल सर्जन और बिरौल एसडीओ (SDO) से दोषी चालकों पर कार्रवाई, एंबुलेंस में हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने और नियमित जांच की मांग की है.मामले में पक्ष जानने के लिए अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. योगेंद्र प्रसाद और दरभंगा के सिविल सर्जन के मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.
