Alinagar CHC: प्रखंड मुख्यालय स्थित अलीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी से जूझ रहा है. प्रतिदिन 250 से 300 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सीएचसी के अनुरूप सुविधाएं अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी हैं.
सीएचसी का दर्जा मिला, लेकिन व्यवस्था अधूरी
राज्य स्वास्थ्य समिति से सीएचसी का दर्जा मिलने और वर्ष 2018 में छह करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तीन मंजिला भवन बनने के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र को अब तक पूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में संचालित नहीं किया जा सका है.
अलीनगर के अलावा तारडीह और घनश्यामपुर प्रखंड के मरीज भी इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं, जिससे स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों का दबाव लगातार बना रहता है.
विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद रिक्त
वर्तमान में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बिमलेश प्रकाश सहित केवल एक एमबीबीएस चिकित्सक, एक सर्जन और एक स्त्री रोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं. जबकि सीएचसी के लिए नौ विशेषज्ञ चिकित्सकों और तीन चिकित्सा पदाधिकारियों का प्रावधान है.
दंत चिकित्सक का पद भी रिक्त है.
एक्सरे मशीन खराब, कई पद खाली
स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे और नेत्र चिकित्सा यूनिट निजी व्यवस्था से संचालित हो रही है. वहीं एक्सरे मशीन भी कई दिनों से खराब पड़ी है.
इसके अलावा ड्रेसर, ओटी असिस्टेंट, महिला एवं पुरुष वार्ड अटेंडेंट, पेशेंट काउंसलर, मैसेंजर और एक्सरे टेक्नीशियन सहित कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं.
बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्याप्त चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति होने तक मरीजों को बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच और निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ेगा.
लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अलीनगर सीएचसी को पूर्ण सुविधाओं और आवश्यक मानव संसाधन के साथ संचालित करने की मांग की है.
