Darbhanga News: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मेडिकल विंग की ओर से नशा मुक्ति शपथ अभियान के तहत रविवार को चंद्रधारी संग्रहालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान लोगों को नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की जानकारी दी गयी और नशा नहीं करने की शपथ दिलायी गयी.
नशा समाज में ला रहा विकृति
सहायक संग्रहालयाध्यक्ष डॉ रविकांत कुमार ने कहा कि नशा लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर कर रहा है. इसका सबसे अधिक असर गरीब परिवारों पर पड़ता है. नशे के कारण समाज में कई तरह की विकृतियां भी पैदा हो रही हैं. उन्होंने नशा मुक्ति को लेकर ब्रह्माकुमारीज की ओर से चलाये जा रहे जागरूकता अभियान की सराहना की.
सुधाकर भाई ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज और मेडिकल विंग के संयुक्त प्रयास से छह से 20 अगस्त तक देशभर में कम से कम 10 करोड़ लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि लोगों में यह भावना विकसित करनी जरूरी है कि किसी भी प्रकार का नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए नुकसानदायक है.
तंबाकू और शराब के दुष्प्रभाव बताए
वक्ताओं ने कहा कि तंबाकू का सेवन विभिन्न रूपों में किया जा रहा है, जो कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. निकोटिन और अन्य हानिकारक रसायन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं. शराब के सेवन से लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है. वहीं, विभिन्न प्रकार के ड्रग्स का बढ़ता सेवन विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है.
उन्होंने कहा कि समाज को नशे से बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता जरूरी है. इसी उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है. कार्यक्रम का संचालन पूजा ने किया. इस अवसर पर उपस्थित लोगों को नशा नहीं करने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलायी गयी.
