22 में 21 नलकूप हैं बंद

22 में 21 नलकूप हैं बंद कैसे होगी फसलों की सिंचाईफोटो- 13परिचय- बंद पड़ा नलकूप.अलीनगर : प्रखंड क्षेत्र के सभी राजकीय नलकूप के सफेद हाथी बने रहने से किसानों को इससे विगत 15-17 वर्षों में कोई लाभ नहीं पहुंच सका है. प्राय: नलकूपों के पाइप लाइन ही इस बीच जर्जर नहीं हुए हैं, बल्कि उसके […]

22 में 21 नलकूप हैं बंद कैसे होगी फसलों की सिंचाईफोटो- 13परिचय- बंद पड़ा नलकूप.अलीनगर : प्रखंड क्षेत्र के सभी राजकीय नलकूप के सफेद हाथी बने रहने से किसानों को इससे विगत 15-17 वर्षों में कोई लाभ नहीं पहुंच सका है. प्राय: नलकूपों के पाइप लाइन ही इस बीच जर्जर नहीं हुए हैं, बल्कि उसके पार्ट पूर्जे भी चोरी हो गये हैं. भले ही इन नलकूपों के लिए कागज पर कर्मचारी नियुक्त हों किंतु विगत कई वर्षों से कहीं कोई ऑपरेटर देखने सुनने को भी नहीं मिला है. मजे की बात तो यह है कि प्रखंड क्षेत्र के कुल 22 राजकीय नलकूपों में तीन काफी पुराने हैं. जबकि 19 राजकीय नलकूप वर्ष 1999 से 2001 के बीच नाबार्ड के विभिन्न फेजों से स्थापित हुआ था. जिसमें बिजली तथा डीजल से संचालित करने की व्यवस्था थी. कुछ जगहों पर तो विद्युत आपूर्ति का बहाना बाधक बना रहा तो कुछ जगहों पर चालू होने तथा ऑपरेटर के अभाव में कई महत्वपूर्ण पार्ट पूर्जे लोगों ने चोरी छुपे गायब कर लिया. इस प्रकार मोतीपुर गांव में एक नलकूप मात्र चालू है. श्यामपुर में नलकूप का जो भवन खड़ा है उसपर लोग गोरहा-चिपरी जरुर चिपका रहे हैं. किसानों में हमेशा की तरह अब भी मायूसी है कि रबी फसल मंे फिर इससे कोई लाभ नहीं मिलेगा.

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