दरभंगा :कमला बलान पश्चिमी तटबंध के टूटने की तकनीकी जांच करने बुधवार को पटना की टीम पहुंची. बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केंद्र (एफआइएमएस) पटना के ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल कुमार के नेतृत्व में आयी पांच सदस्यीय टीम ने जांच की. तटबंध के बाथ (79.6 किमी) पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया. टीम ने नदी का वाटर लेवल, पानी का बहाव, रिसाव व तटबंध की मजबूती के लिए किये गये कार्यों के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली.
रसियारी पुल से पानी ठीक से नहीं निकलने से कुम्हरौल में टूटा तटबंध
दरभंगा :कमला बलान पश्चिमी तटबंध के टूटने की तकनीकी जांच करने बुधवार को पटना की टीम पहुंची. बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केंद्र (एफआइएमएस) पटना के ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल कुमार के नेतृत्व में आयी पांच सदस्यीय टीम ने जांच की. तटबंध के बाथ (79.6 किमी) पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया. टीम ने नदी का वाटर […]

इस दौरान एक बात सामने आयी कि वाटर वेज कोठराम में रहने के बावजूद बाथ के पास पानी के दबाव पर अधिकारियों की नजर नहीं गयी थी. विभाग के सहायक अभियंता से जांच टीम ने पूछा कि जब बाथ के पास सेक्शन कमजोर था, तो इस पर काम क्यों नहीं किया गया. टीम तटबंध की मिट्टी को भी अपने साथ ले गयी.
यहां से निकलने के बाद टीम ने रसियारी के कुम्हरौल के पास टूटे तटबंध का निरीक्षण किया. डायरेक्टर ने बताया कि कुम्हरौल के पास तटबंध टूटने का प्रथमदृष्टया कारण रसियारी पुल से पानी की निकासी सही ढंग से नहीं हो पाना है. बताया कि रसियारी पुल से पानी का बहाव तेज नहीं है. इस कारण तटबंध पर पानी का दवाब बढ़ता है, जिसे वह झेल नहीं पाता है. लोगों ने भी बताया कि 14 जून को पानी का बहाव इतना तेज था, कि जगह-जगह से रिसाव होने लगा. इसके बाद कुम्हरौल के पास तटबंध टूट गया.