देश, संविधान, आरक्षण व लालू को न्याय दिलाने वाला है यह चुनाव : तेजस्वी
दरभंगा : अब्दुल बारी सिद्दीकी को सोंच समझकर पार्टी ने टिकट दिया है. यह चुनाव चुनौती है. यह कोई मामूली चुनाव नहीं है. यह चुनाव देश, संविधान, आरक्षण और लालू को न्याय दिलाने का चुनाव है. सोमवार को तेजस्वी यादव महागठबंधन के उम्मीदवार अब्दुल बारी सिद्दीकी के नामांकन सभा में बोल रहे थे. कहा कि […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
दरभंगा : अब्दुल बारी सिद्दीकी को सोंच समझकर पार्टी ने टिकट दिया है. यह चुनाव चुनौती है. यह कोई मामूली चुनाव नहीं है. यह चुनाव देश, संविधान, आरक्षण और लालू को न्याय दिलाने का चुनाव है. सोमवार को तेजस्वी यादव महागठबंधन के उम्मीदवार अब्दुल बारी सिद्दीकी के नामांकन सभा में बोल रहे थे.
कहा कि लालू यादव को साजिश के तहत जेल में रखा गया है. कहा कि वे बीमार पिता से मिलने गये थे, पर मिलने नहीं दिया गया. पलटू चाचा नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी जानते थे कि लालू जी बाहर रहेंगे, तो कोई माई के लाल में दम नहीं कि संविधान, देश और आरक्षण से छेड़छाड़ कर सके.
लालू जी बाहर रहेंगे तो किसी में हिम्मत नहीं कि दंगा फैला सके. भाईचारा को बिगाड़ सके. लालू यादव गीदड़ भभकी से डरने वाले नहीं है. लालू यादव शेर हैं. मनुवादी लोग अगर सोंच रहे हैं कि लालू यादव को जेल में बंद करके कामयाब हो जाएंगे, तो मंसूबा पूरा नहीं होगा. कहा कि डबल इंजन की सरकार झूठ पर झूठ की राजनीति, दंगा फैलाने की राजनीति, गुमराह करनेकी राजनीति, नफरत फैलाने की राजनीति कर रही है. नीतीश कुमार ने कहा था, मिट्टी में मिल जाएंगे, परंतु बीजेपी से हाथ नहीं मिलाएंगे. बीजेपी से तो मिल गए, मिट्टी में मिलाना जनता की जवाबदेही रह गई है. जनता के समर्थन से वे मिट्टी में एक दिन मिल जाएंगे.
बीजेपी के साथ जो गया, वह राजा हरिश्चंद्र और जो नहीं गया वह जेल में बंद. यही राजनीति देश में चल रही है. पूर्णत: तानाशाही व अघोषित इमरजेंसी है. नीतीश कुमार इसीलिए बीजेपी के साथ मिल गये कि उन्हें सृजन घोटाला में फंसने का डर था. तेजस्वी यादव ने सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी को चुनौती देते हुए कहा कि आओ मेरे घर में कार्यालय खोल लो.
जरूरत नहीं पड़ेगी छापामारी की. हम पर तब मुकदमा हुआ जब 13 साल का था. आज जनता की अदालत में आए हैं. जहां न तो सुनवाई होती है, न ही तारीख होती है, सिर्फ फैसला होता है. पिता ने कहा है परेशान और निराश होने की जरूरत नहीं है. ज्यादा परेशान होगे तो जनता मालिक के बीच में चले जाना. फैसला जनता मालिक ही करेगी.