दरभंगा : गेहूं पिसाने के लिए लेना पड़ता है नाव का सहारा

कुशेश्वरस्थान (दरभंगा) : कमला बलान नदी के जल स्तर में आयी कमी से लोगों को राहत मिली है. हालांकि आवागमन के लिए नाव का ही सहारा लेना पड़ता है. सबसे अधिक समस्या लोगों को शौच जाने में होती है. इसके लिए लोगों ने बांस का मचान बना रखा है. लोगों को गेहूं पिसाने के लिए […]

कुशेश्वरस्थान (दरभंगा) : कमला बलान नदी के जल स्तर में आयी कमी से लोगों को राहत मिली है. हालांकि आवागमन के लिए नाव का ही सहारा लेना पड़ता है. सबसे अधिक समस्या लोगों को शौच जाने में होती है. इसके लिए लोगों ने बांस का मचान बना रखा है.
लोगों को गेहूं पिसाने के लिए नाव से आना-जाना पड़ता है. बता दें कि प्रखंड के इटहर पंचायत में कमला बलान पूर्वी एवं पश्चिमी तटबंध बनने के कारण चौकिया, लक्षमिनिया, विशुनिया, जिमरहा, बल्थरवा सहित आधा दर्जन गांव कमला बलान नदी के गर्भ में आ गया है. इस कारण यहां की 10 से 15 हजार की आबादी बाढ़ की विभिषिका झेलने के लिए मजबूर है. ग्रामीणों के अनुसार तटबंध से ईटहर गांव तक पीसीसी सड़क होने के कारण चौकियां गांव के दोनों तरफ नयी नदी की धारा बन गयी है.
नदी में तेज धारा होने की वजह से गांव में तेज गति से कटाव भी हो रहा है. विगत वर्ष आयी बाढ़ में कई घर नदी में विलीन हो गए.
इसके लिए घंटों इंतजार में बैठे रहते हैं. क्षेत्र के लोगों के लिए इस बाढ़ में शौच जाना काफी कठिन हो गया है. कुछ लोगों ने नदी में बांस का मचान बना रखा है, तो कई लोग नाव से ही जाते हैं.
ढिबरी के सहारे रात बिताने की विवशता
मवेशी पालकों के लिए परेशानी काफी बढ़ गयी है. चारों तरफ पानी फैल जाने की वजह से कहीं चारा नहीं मिल रहा. दूर-दूर से चारा का प्रबंध कर नाव से लेकर पहुंचते हैं. वहीं प्रकाश व्यवस्था भी नहीं है. दिन तो गुजर जाता है, लेकिन रात ढिबरी के सहारे बितना विवशता है. इस क्षेत्र में न तो बिजली है और न ही सड़क. जहां कहीं भी आधी-अधूरी सड़क बनी थी, बाढ़ के पानी में डूब गयी. कई जगह पानी की तेज धारा में टूट गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >