देह व्यापार के पुराने मामले में सेवानिवृत्त डीआइजी ने दी गवाही

दो दशक पूर्व होटल में छापेमारी कर किया था मामले का पर्दाफाश दरभंगा : 28 साल पुराने एक आपराधिक मामले में दरभंगा के तत्कालीन आरक्षी उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था सुबोध प्रसाद ने अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चतुर्थ दीपक कुमार की अदालत में उपस्थित होकर अभियोजन की ओर से अपनी गवाही दी. जानकारी के अनुसार कांड के सूचक […]

दो दशक पूर्व होटल में छापेमारी कर किया था मामले का पर्दाफाश

दरभंगा : 28 साल पुराने एक आपराधिक मामले में दरभंगा के तत्कालीन आरक्षी उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था सुबोध प्रसाद ने अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चतुर्थ दीपक कुमार की अदालत में उपस्थित होकर अभियोजन की ओर से अपनी गवाही दी. जानकारी के अनुसार कांड के सूचक तत्कालीन आरक्षी उपाधीक्षक विधि व्यवस्था रांची झारखंड के सेवानिवृत्त डीआइजी हैं. अदालत द्वारा सूचना के बाद श्री प्रसाद अदालत में उपस्थित होकर अपनी गवाही दी.
सहायक अभियोजन पदाधिकारी के अनुसार श्री प्रसाद नगर थाना कांड संख्या 126/1998 के सूचक हैं. अभियोजन पदाधिकारी के अनुसार श्री प्रसाद के फर्द बयान पर इस कांड के आरोपित आनंद होटल के मालिक नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी महावीर प्रसाद लाडिया, विनोद कुमार लाडिया, सुबोध कुमार लाडिया, सदर थाना क्षेत्र के छपकी निवासी विक्रांत पासवान एवं नगर थाना क्षेत्र के भगवानदास मुहल्ला निवासी रामविलास यादव के विरुद्ध अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत नगर थाना कांड संख्या 126/1998 दर्ज किया गया था.
कांड के सूचक श्री प्रसाद ने आरोप लगाया था कि 12 सितंबर 1998 की रात 10.15 बजे वे नगर थाना पर गए थे. इस बीच उन्हें गुप्त सूचना मिली कि दरभंगा टावर और मिर्जापुर जाने वाली सड़क के बीच स्थित आनंद होटल में अवैध रूप से देह व्यापार का धंधा चलता है. इस पर श्री प्रसाद छापेमारी की. छापेमारी के क्रम में कमरा नंबर 4 एवं 5 से कुछ लोगों को आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में पूर्व में पुलिस इंस्पेक्टर नीरा प्रभा टोप्पो सहित दो अन्य लोगों की गवाही हो चुकी है.

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