रेलवे स्टेशन पर खीरा खरीदने से पहले देखें यह खबर, वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता

Cucumber News: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में खीरे को रंग में डुबोकर चमकदार बनाने का दावा का खुला पोल , यात्रियों से सतर्क रहने की अपील, पढिए पूरी खबर.

Cucumber News: (प्रशांत पाठक) गर्मी के मौसम में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बिकने वाले खीरे यात्रियों की पहली पसंद होती हैं. गर्मी के दिनों में खीरा प्यास बुझाने और पेट को ठंडक देने का एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने यात्रियों के होश उड़ा दिए हैं.यदि आप भी सफर के दौरान स्टेशन पर दिखने वाले गहरे हरे और चमकते हुए खीरों को देखकर आकर्षित हो जाते हैं, तो अब आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है.

क्या है यह वायरल वीडियो?


सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खुलेआम खीरों के साथ हेराफेरी करते हुए देखा जा रहा है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिला ने एक गहरे हरे रंग का घोल तैयार किया हुआ है.वह एक सामान्य और थोड़े फीके या सफेद पड़ चुके खीरे को उस रंग में डुबो रही है.जिससे वह पल भर में एकदम ताज़ा और गहरा हरा दिखने लगता है. यह तरीका न केवल ग्राहकों को धोखा देने का एक घटिया माध्यम है. बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है.

सेहत के लिए क्यों है यह खतरनाक?


बाजार में मिलने वाले अधिकांश कृत्रिम रंग खाद्य योग्य नहीं होते हैं. ये रंग रसायनों, औद्योगिक डाई और हानिकारक पिगमेंट से बने होते हैं. यदि कोई यात्री ऐसे रंगे हुए खीरे का सेवन करता है, तो उसके शरीर पर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

हो सकती हैं ये समस्याएं

पाचन संबंधी समस्या: इन रंगों में मौजूद केमिकल पेट में जाने पर गंभीर फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और पेट में तेज मरोड़ पैदा कर सकते हैं.
एलर्जी और त्वचा रोग: कई लोगों को इन रसायनों से त्वचा पर चकत्ते, खुजली या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.

आप कैसे पहचानें कि खीरा असली है या नकली?


अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अगली बार खीरा खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें: यदि खीरे का रंग बहुत ज्यादा गहरा और एक समान है, तो उसे हाथ में लेकर देखें. एक साफ गीला सूती कपड़ा या टिश्यू पेपर लें और खीरे की सतह को जोर से रगड़ें. यदि कपड़े पर हरा रंग लग जाता है, तो समझ लें कि खीरा रंगा हुआ है. प्राकृतिक खीरा अक्सर थोड़ा धूल-धूसरित या हल्के रंग का हो सकता है. यदि वह बहुत ज्यादा चमकदार और ‘पॉलिश’ किया हुआ दिख रहा है, तो सतर्क हो जाएं.

लोगों से अपील


रेलवे स्टेशन पर मिलने वाले सामानों की गुणवत्ता की निगरानी करना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है. लेकिन एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमें भी सतर्क रहना होगा. यह वीडियो हमें चेतावनी देता है कि हर चमकती हुई चीज़ ताज़ा नहीं होती. बेहतर होगा कि सफर पर निकलते समय आप घर से ही फल या नाश्ता साथ लेकर चलें. यदि स्टेशन पर कुछ खरीदना ही है, तो पैकिंग वाली चीजें चुनें और खुली सब्जियों से परहेज करें. आपकी एक छोटी सी सावधानी आपकी पूरी यात्रा और सेहत को सुरक्षित रख सकती है.

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लेखक के बारे में

By Vivek Ranjan

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने Aryabhatta Knowledge University, Patna से BJMC की पढ़ाई की है.

उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Network 10 टीवी चैनल से की. इसके बाद News India, News18 Digital सहित कई राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग का अनुभव प्राप्त किया.

वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं. यहां बिहार की राजनीति, चुनाव, शिक्षा, कृषि, रोजगार, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों पर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं.

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