Coronavirus और Lockdown की मार, बिहार में लोगों की थाली से दाल गायब, सरसों तेल की कीमत में भी भारी बढ़ोतरी

bihar coronavirus news:विश्व व्यापी महामारी कोरोना काल में जहां लॉकडाउन के कारण दैनिक मजदूरों की स्थिति बद से बदतर हो गयी है. वहीं कालाबाजारी का दंश झेल रहे दुकानदारों के द्वारा मनमाने ढंग से खाद्य सामग्रियों के दाम वसूले जा रहे हैं. जिससे आम लोगों की थाली से पौष्टिक आहार दाल गायब सी होती जा रही है. बताया जाता है जिला प्रशासन के द्वारा लॉकडाउन की अवधि में आम लोगों को कालाबाजारी का शिकार होने से बचाने के लिए रेट चार्ट जारी कर दिया गया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 25, 2021 3:57 PM

विश्व व्यापी महामारी कोरोना काल में जहां लॉकडाउन के कारण दैनिक मजदूरों की स्थिति बद से बदतर हो गयी है. वहीं कालाबाजारी का दंश झेल रहे दुकानदारों के द्वारा मनमाने ढंग से खाद्य सामग्रियों के दाम वसूले जा रहे हैं. जिससे आम लोगों की थाली से पौष्टिक आहार दाल गायब सी होती जा रही है. बताया जाता है जिला प्रशासन के द्वारा लॉकडाउन की अवधि में आम लोगों को कालाबाजारी का शिकार होने से बचाने के लिए रेट चार्ट जारी कर दिया गया है.

परंतु दुकानदार जिला प्रशासन द्वारा जारी रेट चार्ट को मानने से साफ़ इंकार कर रहे हैं. जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. दुकानदारों ने नाम नहीं छापने की बुनियाद पर बताया जिला प्रशासन के द्वारा पूर्व के रेट से संबंधित चार्ट पर वर्तमान में हस्ताक्षर कर जारी कर दिया गया. जो बाजारों की वर्तमान रेट से कहीं मेल नहीं खाता है.

सूत्रों की मानें तो वर्तमान में मसूर दाल 85 रुपये,अरहर छिलका युक्त दाल 85 रुपये एवं चना दाल 75 रुपये प्रति किलो ग्राम की दर से बेची जा रही है. अन्य सामग्रियों में भी बढ़ा-चढ़ाकर दाम वसूला जा रहा है.जबकि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रशासन द्वारा जारी रेट चार्ट में मसूर दाल 70 रुपये, अरहर छिलका युक्त दाल 70 रुपये एवं चना दाल 65 रुपये प्रति किलो ग्राम की दर से बेचने एवं दुकानदारों को रेट चार्ट दुकान के मुख्य द्वार पर चिपकाने का निर्देश दिया गया है.

परंतु रेट चार्ट चिपकाना तो दूर की बात है. जिला प्रशासन के आदेश को दुकानदारों द्वारा ठेंगा दिखाते हुए गरीब लोगों से मनमाने ढंग से दाम वसूला जा रहा है. जिससे ग़रीब दैनिक मजदूरों की थाली से दाल मानों गायब सी होती जा रही है. जबकि लॉकडाउन में आम गरीब लोगों की पहली समस्या पेट की आग बुझाने में आ रही मुश्किलों से निबटने में प्रशासन नाकाम दिखाई पड़ रही है.

कहते हैं अधिकारी- इस संबंध में पूछे जाने पर एसडीएम मंझौल मुकेश कुमार ने बताया मनमाने ढंग से दाम वसूलने की खबर मिल रही है. इसकी निगरानी के लिए प्रशासनिक स्तर पर छापामार दल तैयार किया गया है. जिला प्रशासन के आदेश अवहेलना की स्थिति में विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.

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Posted By : Avinish kumar mishra

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