लोक आस्था के महापर्व छठ के रंग में पूरा बिहार रंगा दिख रहा है. रविवार को छठ का तीसरा दिन है. व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देना शुरू कर दिए हैं. कई लोग अभी आ भी रहे हैं. 31 अक्टूबर सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. छठ व्रति खरना के बाद से ही 36 घंटे का निर्जला उपवास करते हैं. पटना समेत पूरे बिहार के अन्य जिलों के घाटों पर छठ व्रतियों ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देना शुरू कर दिया है. अर्घ्य को लेकर पटना समेत अन्य घाटों पर सरकार की तरफ से खास व्यवस्था की गई है.
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए बड़ी संख्या में व्रती घाट पर पहुंचने लगे हैं. पटना के गंगा घाटों पर व्रतियों के पहुंचने का यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहेगा. सर पर दउरा लेकर छठ व्रती और उनके परिजन घाट पर छठ गीत गाते हुए पहुंच रहे हैं.
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए महिलायें दंडवत करते घाट तक आ रही है.
