महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक

बेतिया : वर्तमान वैश्विक और आर्थिक परिवेश में राष्ट्रपिता के आदर्शों, सिदधांतों व विचारों की प्रासंगिकता महत्वपूर्ण है़ वसुधैव कटुंबकम के आदर्शों पर चलने वाले गांवों में समस्त सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण हो रहा है़ ये बातें स्थानीय एमजेके कॉलेज में आयोजित विचार गोष्ठी में बोलते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ आर के चौधरी ने कही़... […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 3, 2016 2:32 AM

बेतिया : वर्तमान वैश्विक और आर्थिक परिवेश में राष्ट्रपिता के आदर्शों, सिदधांतों व विचारों की प्रासंगिकता महत्वपूर्ण है़ वसुधैव कटुंबकम के आदर्शों पर चलने वाले गांवों में समस्त सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण हो रहा है़ ये बातें स्थानीय एमजेके कॉलेज में आयोजित विचार गोष्ठी में बोलते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ आर के चौधरी ने कही़

उन्होंने कहा कि लोग अपने सार्वजनिक दायित्वों का लोकहित में निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं, जबकि गांधी जी ने आजादी की लड़ाई लड़ते हुए पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण पार जोर दिया़ लेकिन आजादी के सात दशक बाद भी केन्द्र और राज्य की सरकारों ने ठोस युवा नीति नहीं बना पाई़
सच्चाई है कि सामाजिक बदलाव के लिए हमें गांधी के आदर्शों को अपनाना होगा़ इसके लिए प्रत्येक जिले में गांधी शिक्षण संस्थानों के निर्माण की जरूरत है़ यहीं बापू के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी़
डॉ फैयाज अहमद ने राज्य के युवाओं के लिए गांधी जयंती पर युवाओं के लिए आरंभ कौशल विकास कार्यक्रम की सराहना की़ उन्होंने कहा कि यह बापू के सपनों की योजना है़ जिसे ईमानदारी से क्रियान्वित करने की जरूरत है़ जीएमएचपी कॉलेज बगहा के डॉ बीएन झा ने गांधी के चंपारण की दुर्गति पर चिंता जाहिर की़ उन्होंने इसके लिए गांधी चिंतकों को एकजुट होने की नसीहत दी़ इसके पूर्व कॉलेज के प्राध्यापकों और छात्रों ने परिसर स्थित बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण की़ कार्यक्रम का संचालन सिदधी सागर मिश्र ने किया .
जबकि धन्यवाद ज्ञापन जगमोहन कुमार ने किया़