यहां अस्पताल में हर दस दिन के अंदर हो जाती है चोरी!
बेतिया : एमजेके अस्पताल में लगातार उपकरणों की हो रही चोरी की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की चूक मानी जा रही हैं . इस पर अस्पताल प्रशासन भी प्राथमिकी दर्ज कर अपनी दायित्वों से पाला झाड़ रहा है.... एमजेके अस्पताल प्रशासन भले हीं परिसर की सुरक्षा की दावा करता हो. उसके तमाम दावे को ठेंगा दिखाते […]
बेतिया : एमजेके अस्पताल में लगातार उपकरणों की हो रही चोरी की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की चूक मानी जा रही हैं . इस पर अस्पताल प्रशासन भी प्राथमिकी दर्ज कर अपनी दायित्वों से पाला झाड़ रहा है.
एमजेके अस्पताल प्रशासन भले हीं परिसर की सुरक्षा की दावा करता हो. उसके तमाम दावे को ठेंगा दिखाते हुए चोर चोरी की घटना को अंजाम दे देते हैं. यहीं कारण है कि इस अस्पताल में हर दस दिन के अंदर एक चोरी की घटना घट हीं जाती है. चोर अस्पताल में अपना निशाना अल्ट्रा साउंड व एक्स-रे उपकरणों को बना रहे हैंं. यहीं कारण 3 फरवरी की रात चोरों ने अल्ट्रा साउंड कक्ष के गेट को तोड़ कर करीब 15 लाख कीमत के उपकरणों की चोरी कर ली थी. अस्पताल प्रशासन की ओर से नगर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी थी. अभी इस चोरी की घटना से पुलिस परदा भी नहीं उठा सकी थी. चोरों ने एक बार फिर 21 फरवरी को एक्स-रे उपकरण पर हाथ साफ कर दिया है.
अस्पताल की सुरक्षा में सुरक्षा कर्मियों की है तैनाती: सुरक्षा को लेकर अस्पताल प्रशासन ने निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है. इनकी ड्यूटी रात-दिन लगायी गयी है. अब सवाल यह उठता है,कि आखिर चोरी की घटनाएं कैसे हो जा रही है? क्या सुरक्षा कर्मी अपनी ड्यूटी तत्परता से नहीं निभा रहे हैं? या जब चोर घटना को अंजाम देते होंगे,तो जरूर कोई-न-कोई हरकत होता होगा? इन तमाम सवालों पर अमल की जाय,तो यह साबित करता है,तो कहीं न कहीं अस्पताल की सुरक्षा में छेद जरूर है.
पूर्व में सुरक्षा के लिए तैनात थे होम गार्ड के जवान :अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए वर्षों पूर्व से अस्पताल मे नाका की व्यवस्था की गयी थी. नाका की पुलिस अस्पताल मे रह कर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे. इन जवानों को अस्पताल प्रशासन की ओर से अलग-अलग वार्डों मे भी तैनात किये गये. वहीं अस्पताल प्रशासन ने 2015 से नाका को हटा कर निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर दिया.
