18 में भी गरमी से राहत नहीं

बेतिया : गरमी इन दिनों पूरे शबाब पर है. चिलचिलाती धूप ने लोगों को बेहाल कर रखा है. बच्चे, बूढ़े सभी इस उमस भरी भीषण तपती गरमी से हलकान हैं. दिन छोड़िये रात में भी उमस ने सुख-चैन छीन लिया है. शनिवार को तो बेतिया में पारा 44 डिग्री तक पहुंच रहा है. पूरे दिन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 24, 2015 8:22 AM
बेतिया : गरमी इन दिनों पूरे शबाब पर है. चिलचिलाती धूप ने लोगों को बेहाल कर रखा है. बच्चे, बूढ़े सभी इस उमस भरी भीषण तपती गरमी से हलकान हैं. दिन छोड़िये रात में भी उमस ने सुख-चैन छीन लिया है.
शनिवार को तो बेतिया में पारा 44 डिग्री तक पहुंच रहा है. पूरे दिन चली गरम हवाओं ने सड़कों पर लोगों को झुलसा दिया. शहर के व्यस्त इलाकों में भी गरमी की वजह से सन्नाटा पसरा रहा. ठंड से राहत दिलाने वाले सामानों पर नजर करें तो शहर में लगभग 18 लाख के शीतल पेय बिक जाते हैं, जबकि शहर की आबादी एक लाख हैं. ऐसे में इन गर्मियों में प्रति व्यक्ति 18 रुपये हर रोज खर्च हो रहे हैं. इसके बाद भी झुलसा देनेवाली गरमी से राहत नहीं मिल रही है.
क्या करें, क्या ना करें
त्न रात का बासी भोजन न करें
त्न धूप से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी न पीये
त्न धूप में निकलने से बचे
त्न बहुत जरूरी हो तो सिर पर गमछा डाल लें
त्न बाजार में खुले हुए तले-भुने पदार्थ न खाये
त्न चने का सत्तू व कच्चे आम का शरबत पीये
त्न हल्का भोजन ग्रहण करें
बचें, नहीं तो हो सकते हैं बीमार
भीषण गरमी से बचने की जरूरत है. आस्था मेडिकेअर के डॉ. अंजनी कुमार ने बताया कि गरमी में डायरिया और डिहाइड्रेशन का ज्यादा खतरा बना रहता है. उलटी-दस्त की समस्या भी आती है. ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं. बच्चों को नियमित ओआरएस का घोल दें.