शहर में 156 बार जला फ्यूज, 34 दफा टूटे तार

बेतिया : गरमी बढ़ने के संग ही शहर में फ्यूज जलने और तार टूटने का सिलसिला भी परवान पर चढ़ गया. एक तरफ बिजली विभाग दावा करता रहा कि जजर्र तार बदल व्यवस्था दुरुस्त कर ली गयी और दूसरी तरफ फ्यूज व तार टूटने का सिलसिला थमने के बजाय दोगुना हो गया. विभाग के कस्टमर […]

बेतिया : गरमी बढ़ने के संग ही शहर में फ्यूज जलने और तार टूटने का सिलसिला भी परवान पर चढ़ गया. एक तरफ बिजली विभाग दावा करता रहा कि जजर्र तार बदल व्यवस्था दुरुस्त कर ली गयी और दूसरी तरफ फ्यूज व तार टूटने का सिलसिला थमने के बजाय दोगुना हो गया.
विभाग के कस्टमर केयरसेल में दर्ज आंकड़े के मुताबिक, 1 से 13 अप्रैल के बीच कुल 190 शिकायत दर्ज करायी गयी. इसमें से 156 बार फ्यूज जले और 34 दफा तार टूटे गये.
कैसे जलता है फ्यूज
फ्यूज जलने व तार टूटने का कारण शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा है. सवाल यह है कि क्या यह शॉर्ट सर्किट ठंड के दिनों में नहीं होती थी और फ्यूज नहीं जलते थे. ग्रिड के सुनील कुमार ने बताया कि किसी तार पर हरे पौधे, बांस या तार फेंक दें तो शॉर्ट सर्किट से फ्यूज जल सकता है. किसी फीडर में एकाएक विद्युत लोड बढ़ा देने पर भी तार टूट या फ्यूज जल सकता है.
मिली 20 मेगावाट, ली सात
ग्रिड में बिजली की धारा बह रही है, पर वितरण घर ही उस बिजली को लेकर शहर में आपूर्ति नहीं कर पा रहा है. मंगलवार को ग्रिड से बताया गया कि अभी 20 मेगा वाट बिजली सीएलडी पटना से मिली है. वितरण घर महज सात मेगा वाट बिजली ही ले रहा है.

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