कमरे चार, बैठती हैं 260 छात्राएं

चहारदीवारी नहीं होने से खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं छात्राएं बेतिया : दर्जा प्लस टू का है लेकिन सुविधाएं मिडिल स्कूल स्तर की भी नहीं है. यह हाल है जिला मुख्यालय स्थित केपी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का. प्लस टू स्तर के इस विद्यालय में मात्र पांच कमरे हैं. जिसमें एक कमरे में प्रधानाध्यापक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 9, 2015 7:04 AM
चहारदीवारी नहीं होने से खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं छात्राएं
बेतिया : दर्जा प्लस टू का है लेकिन सुविधाएं मिडिल स्कूल स्तर की भी नहीं है. यह हाल है जिला मुख्यालय स्थित केपी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का. प्लस टू स्तर के इस विद्यालय में मात्र पांच कमरे हैं. जिसमें एक कमरे में प्रधानाध्यापक कक्ष, कार्यालय व कंप्यूटर कक्ष चलता है. शेष चार कमरों में शिक्षण कार्य संचालित होता है. विद्यालय में नौवीं से बारहवीं तक करीब 260 छात्राएं नामांकित है. जिनका पठन-पाठन मात्र चार कमरों में सिमटा पड़ा है. अब ऐसे माहौल में शिक्षा की गुणवत्ता क्या होगी. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.
नारी सशक्तीकरण के इस दौर में केंद्र व राज्य की सरकारें बालिका शिक्षा पर लंबे चौड़े वायदे करती है. जबकि जिला मुख्यालय में ही बालिका शिक्षा की स्थिति काफी दयनीय है.
पुस्तकालय व प्रयोगशाला को उपलब्ध नहीं है भवन
माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला पुस्तकालय व प्रयोगशाला इस विद्यालय में नहीं है. जबकि प्रतिवर्ष सैकड़ों छात्राएं मैट्रिक व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उत्तीर्ण करती है. भवन के अभाव में इन महत्वपूर्ण चीजों की सुविधा उपलब्ध नहीं है. जिसकी वजह से पुस्तकालय व प्रयोगशाला का कार्य भाग्य भरोसे चलता है. विद्यालय में शौचालय तो है लेकिन पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था नहीं है. विद्यालय में लगे चापाकल का पानी पीने योग्य नहीं है.
बोले विद्यालय प्रधान
विद्यालय में भवन की कमी और चाहरदिवारी नहीं होने से काफी परेशानी ङोलनी पड़ती है. पठन-पाठन पर भी इसका प्रतिकुल प्रभाव पड़ता है. विभागीय पदाधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी गयी है. आशा है जल्द इसका निदान होगा.
सफदर हुसैन, प्रभारी प्रधानाध्यापक