प्रमुख और उपप्रमुख के चुनाव को ले घमसान

रामनगर : इंतजार की भी एक सीमा होती है. सात माह पूर्व प्रखंड प्रमुख मंशा भारती एवं उप प्रमुख मो हशमुद्दीन को अपदस्थ करने वाले पंचायत समिति सदस्यों का भी धैर्य जवाब दे चुका है. वे भी चाहते हैं कि विकास के लिए आवश्यक है , कोई प्रमुख व उपप्रमुख हो. वहीं इन दोनों को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 12, 2015 2:17 AM
रामनगर : इंतजार की भी एक सीमा होती है. सात माह पूर्व प्रखंड प्रमुख मंशा भारती एवं उप प्रमुख मो हशमुद्दीन को अपदस्थ करने वाले पंचायत समिति सदस्यों का भी धैर्य जवाब दे चुका है. वे भी चाहते हैं कि विकास के लिए आवश्यक है , कोई प्रमुख व उपप्रमुख हो. वहीं इन दोनों को अपदस्थ करने की योजना के किंगमेकर की चाहत है, अब चाहे जो भी हो , प्रमुख एवं उप प्रमुख की कुर्सी पर नये चेहरों की ताजपोशी होनी चाहिए.
शायद इसी वजह से कतिपय बीडीसी फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं. वे फिल्मी कलाकार की तरह एक हीं बार रंगमंच पर 20 मार्च को अवतरित होंगे. ऐसे में उस दिन का नजारा देखने लायक होगा. संभव है कि घमासान हो भी सकता है. कई अदृश्य शक्तियां इस पूरे प्रकरण में अपनी ताकत लगाये हुई है.
एक तरह से रामनगर की राजनीति में नया अध्याय जुड़ने वाला है. इन सारी परिस्थितियों का आंकलन प्रशासनिक अधिकारियों को है, इस वजह से काफी मुस्तैदी के साथ तैयारी चल रही है. बीडीओ लोकेंद्र यादव ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से कराया जायेगा. इसकी तैयारी कर ली गयी है. आगामी 20 मार्च को प्रमुख एवं उप प्रमुख के चुनाव के लिए विशेष बैठक बुलायी गयी है. सभी पंचायत समिति सदस्यों को बैठक के आमंत्रण से संबंधित पत्र निर्गत किया जा चुका है. उस दिन प्रखंड परिसर में धारा 144 लागू रहेगा. चुनाव के दौरान किसी अन्य व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति नहीं रहेगी.
तीन माह पहले बनायी गयी थी हटाने की योजना
विगत 14 अगस्त को प्रखंड प्रमुख मंशा भारती एवं उपप्रमुख मो हशमुद्दीन अपदस्थ हुए थे. उनको अपदस्थ करने के लिए पंचायत समिति सदस्यों की बनी टीम का नेतृत्व निर्मला देवी ने किया था. हालांकि 14 अगस्त को ये दोनों अपदस्थ जरूर हुए थे. लेकिन इन्हें कुर्सी से हटाने की योजना तीन माह पहले बनायी गयी थी. तब से लेकर अब 14 पंचायत समिति सदस्यों को एक साथ रखना , निश्चित तौर पर बड़ी मुश्किल टास्क था. लेकिन पंचायत समिति सदस्य निर्मला देवी के पति संजय राय पहले से राजनीतिक दल के कार्यकर्ता रहे हैं.
पूर्व सांसद महेंद्र बैठा के बेहद करीबी थे संजय राय. फिलवक्त भी जदयू के कई बड़े नेताओं से उनका अच्छा सरोकार है. संभवत: उनका राजनीतिक अनुभव इस संग्राम में काम आया. हालांकि उनका कहना है कि इस मुहिम में 19 पंचायत समिति सदस्यों का भर पूर साथ मिला है.
न्यायालय में दी दस्तक
अपदस्थ प्रमुख मंशी भारती एवं उप प्रमुख मो हशमुद्दीन ने विगत 14 अगस्त को पारित अविश्वास प्रस्ताव को असंवैधानिक करार देते हुए उच्च न्यायालय में चुनौती दिया था. हालांकि उच्च न्यायालय के आदेश से हीं विगत 8 सितंबर को प्रमुख और उप प्रमुख का चुनाव टल गया था. प्रमुख प्रतिनिधि अशोक राम का कहना है कि प्रमुख अनुसूचित जाति समुदाय से आती हैं. इस लिए कतिपय लोग साजिश कर उन्हें अपदस्थ कराने की योजना में हैं. लेकिन मुङो न्यायालय पर भरोसा है. मैं न्यायालय के शरण में गया हूं. मुङो पूरा विश्वास है कि वहां से मुङो न्याय मिलेगा. असंवैधानिक ढंग से प्रमुख एवं उप प्रमुख को कोई नहीं हटा सकता.