अस्पताल में घुस मरीजों को इंजेक्शन देने वाले की आलोक के रूप में हुई पहचान, हटायी गयी एएनएम
बाहरी व्यक्ति पर एफआईआर सिविल सर्जन ने पीएचसी का किया निरीक्षण
चनपटिया : स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बाहरी व्यक्ति द्वारा घुसकर बांध्याकरण के लिए आयी महिलाओं को इंजेक्शन लगाने व दवा बेचने के मामले की गुरुवार को सीएस डॉ अरुण सिन्हा ने जांच की. मामले की जांच करने पहुंचे सीएस ने अस्पताल का निरीक्षण किया. इस दौरान अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विजय श्रीवास्तव आकस्मिक अवकाश पर मिले.
प्रभार में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विवेक कुमार ड्यूटी कर रहे थे. सीएस ने पूरे मामले की गहनता से जांच की व बाहरी व्यक्ति की आलोक चौबे के रूप में पहचान करते हुए एफआईआर का निर्देश दिया.
जानकारी के अनुसार, निरीक्षण करने पहुंचे सीएस ने इस दौरान अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी. जिसमें बाहरी व्यक्ति के कारनामे दिखे. सीएस को बताया गया कि बाहरी व्यक्ति की पहचान आलोक चौबे के रूप में की गई है. इसपर सीएस ने तत्काल अस्पताल का प्रभार देख रहे डॉ विवेक कुमार को उक्त व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर का निर्देश दिया. वहीं मामले में आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं करने, लापरवाही बरतने व छुट्टी लेकर चले जाने समेत अन्य आरोपों को लेकर प्रभारी डॉ विजय श्रीवास्तव से स्पष्टीकरण की मांग की है.
सीएस ने घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात एएनएम रिंकू कुमार को यहां से हटा कर उप स्वास्थ्य केंद्र में भेजने का निर्देश दिया है. जबकि एएनएम नीतू कुमारी व प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक से भी जवाब तलब किया गया है.
क्या है मामला : बीते मंगलवार को अस्पताल में बांध्याकरण शिविर में महिलाओं का ऑपरेशन किया गया था. रात्रि के समय कोई बाहरी व्यक्ति अस्पताल में आकर महिलाओं को एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन लगाते व दवाईयां बेचने लगा. इसके एवज में मरीजों से पैसा भी लिया गया. पूरा मामला अस्पताल के सीसीटीवी में कैद हो गया. इसको लेकर शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची. इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई.
