Bihar News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है. पश्चिम चंपारण जिले में एक बाघ की करंट लगने से मौत हो गई. इस घटना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है. प्राथमिक जांच में बाघ की मौत का कारण खेत में लगाए गए विद्युत तार को बताया जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, बाघ जंगल से बाहर निकलकर भोजन या विचरण के लिए खेतों की ओर गया था. इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया.
यह घटना मंगूरहा वन क्षेत्र के मानपुर जंगल के पास हुई. पुरैना गांव के समीप एक खेत में फसल की रखवाली के लिए अवैध रूप से बिजली का तार लगाया गया था. उसी तार में करंट दौड़ रहा था. बाघ उसी तार के संपर्क में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
अधिकारियों ने क्या बताया?
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. खेत से बाघ का शव बरामद किया गया. बाघ की मौत की खबर फैलते ही पूरे वन विभाग में हलचल तेज हो गई. अधिकारियों ने बताया कि बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं. शरीर पर किसी तरह के शिकार के निशान नहीं मिले हैं. इससे शिकार की आशंका से फिलहाल इनकार किया गया है.
वन विभाग की स्पेशल टीम ने बाघ का पोस्टमार्टम किया है. पोस्टमार्टम के बाद विसरा को जांच के लिए लैब भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि की जाएगी.
फसलों को बचाने के लिए किसान लगा रहे बिजली के तार
वन विभाग के अनुसार, जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां पिछले कुछ दिनों से बाघ की लगातार चहलकदमी देखी जा रही थी. ग्रामीण अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों में अवैध रूप से बिजली के तार लगा रहे हैं. ऐसे तार वन्यजीवों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं.
वन विभाग ने मौके से विद्युत तार को जब्त कर लिया है. डीएफओ ने कहा है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है. दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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