नवोदय विद्यालय के छात्रों की इंटरनेट सुविधा बंद
उच्च शिक्षा व पठन-पाठन पर ग्रहण... विगत कई वर्षों से इंटरनेट की सुविधा हुई बंद, लाखों की लागत से लैब के उपकरणों पर चढ़ी धूल की परतें विद्यालय के प्राचार्य ने बीएसएनएल के प्रबंधक को लिखा पत्र, फिर भी नहीं हो सकी कोई कार्रवाई सिकटा : सरकार भले ही बेहतर शिक्षा मुहैया कराने की बात […]
उच्च शिक्षा व पठन-पाठन पर ग्रहण
विगत कई वर्षों से इंटरनेट की सुविधा हुई बंद, लाखों की लागत से लैब के उपकरणों पर चढ़ी धूल की परतें
विद्यालय के प्राचार्य ने बीएसएनएल के प्रबंधक को लिखा पत्र, फिर भी नहीं हो सकी कोई कार्रवाई
सिकटा : सरकार भले ही बेहतर शिक्षा मुहैया कराने की बात कर रही है, परंतु संसाधन के अभाव में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल रही है. मामला जवाहर नवोदय विद्यालय वृंदावन की है. इस विद्यालय में सैमसंग लैब व कंप्यूटर की सुविधाएं उपलब्ध है.
शिक्षक की व्यवस्था भी है. परंतु इंटरनेट की सुविधा नहीं होने के कारण छात्रों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इस लैब में 40 टैब और 40 लैपटॉप की संख्या है. इससे छात्रों को सीखना और समझना है. लेकिन इंटरनेट की सुविधा नहीं रहने के कारण लाखों रुपए की लागत से लगे उपकरणों पर धूल की परतें चढ़ गई हैं. विद्यालय के प्रिंसिपल सी हरिबाबू ने बताया कि पहले यहां नेट की सुविधा थी.
इससे छात्रों को उच्च कोटि की पढ़ाई की सुविधा दी जाती थी. परंतु विगत कई वर्षों से भारत संचार निगम लिमिटेड की लापरवाही के कारण इंटरनेट की सुविधा बंद हो गई है. इससे पठन-पाठन का कार्य बाधित है. ऐसे में छात्र उच्च कोटि की शिक्षा कैसे हासिल करें, यह सोचनीय विषय बन गया है. विभागीय शिक्षक भी इस मुद्दे पर अपने हाथ खड़े कर लिए हैं. शिक्षकों ने बताया कि साधन नहीं रहने के कारण पढ़ाई बाधित है. उधर प्रिंसिपल श्री बाबू ने बताया कि इस संदर्भ में मुख्य महाप्रबंधक अभियंता दूरसंचार पटना को विद्यालय की ओर से 16 अगस्त को सूचना भेज कर विद्यालय में इंटरनेट लगाने का अनुरोध किया गया था.
बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है, इससे विद्यालय के लिए इंटरनेट एक गंभीर समस्या बनी हुई है. उधर इस संदर्भ में पूछे जाने पर जिला दूरसंचार प्रबंधक सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि पूर्व में इंटरनेट की सुविधा थी तो इसे तुरंत ठीक कराकर जवाहर नवोदय विद्यालय वृंदावन में इंटरनेट की सुविधा बहाल कर दी जाएगी. ताकि छात्रों को पढ़ाई में कठिनाई नहीं हो सके. इसके लिए जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिया जा रहा है.
