छात्र व िशक्षक ड्रेस कोड में

सुव्यवस्थित स्कूल बना अन्य विद्यालयों के लिए मिसाल... बेनीपुर : इरादा अगर नेक हो और मन में कुछ करने का दृढ़ निश्चय हो तो कोई भी समस्या अलग परिचय बनाने में बाधक नहीं बन सकता. इसका जीता-जागता नमूना नगर परिषद क्षेत्र के चौगमा विष्णुपुर मवि में मिल रहा है. प्रधानाध्यापक रमेश चौधरी व शिक्षा समिति […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 6, 2018 4:47 AM

सुव्यवस्थित स्कूल बना अन्य विद्यालयों के लिए मिसाल

बेनीपुर : इरादा अगर नेक हो और मन में कुछ करने का दृढ़ निश्चय हो तो कोई भी समस्या अलग परिचय बनाने में बाधक नहीं बन सकता. इसका जीता-जागता नमूना नगर परिषद क्षेत्र के चौगमा विष्णुपुर मवि में मिल रहा है. प्रधानाध्यापक रमेश चौधरी व शिक्षा समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार झा के प्रयास से आज यह स्कूल निजी विद्यालय को मात दे रहा है. क्षेत्र के कई निजी विद्यालय से इस सरकारी विद्यालय की व्यवस्था बेहतर है. एक झलक में ही विद्यालय पूरी तरह अनुशासित, सुव्यवस्थित एवं सुसज्जित दिख रहा है. साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी नजर आ रही है.
खास बात यह है कि यहां के छात्र-छात्राओं व रसोइये तो सरकारी ड्रेस कोड का पालन कर ही रही हैं, साथ ही यहां के शिक्षक-शिक्षिका भी निर्धारित परिधान में रह शैक्षिक कार्य कर रहे हैं.
ड्रेस के साथ वर्ग मॉनीटर एवं एचएम ने बताया कि जन सहयोग से विद्यालय का विकास किया गया है. गुरुवार से विद्यालय में पूर्ण ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है. इसके तहत शिक्षक सोमवार, मंगलवार, गुरुवार एवं शुक्रवार को काली पेन्ट, काला जूता एवं लाल टाई तथा बुधवार एवं शनिवार को सफेद लिबास में तो शिक्षका रॉयल ब्लू साड़ी एवं गोल्डेन ब्लाउज में विद्यालय में उपस्थित थी. इस तरह की व्यवस्था किसी सरकारी विद्यालय में पहली बार दिखने को मिल रही है, जो दूसरे विद्यालयों के लिए मिशाल है.
मॉनीटर व बाल सांसद लगाये हुए थे बैज
गुरुवार को विद्यालय परिसर में इस कदर सन्नाटा पसरा था कि प्रथम दृष्ट्या विद्यालय में छुट्टी का एहसास हो रहा था. अंदर सभी कमरों में वर्ग संचालित हो रहे थे. प्रधानाध्यापक श्री चौधरी अपने कक्ष में थे. इस विद्यालय में 402 नामांकित छात्र-छात्रा में 325 उपस्थित थे. सभी 10 शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे. 10 कमरे का भवन, एक किचन, मोटर युक्त चापाकल, साफ-सुथरा शौचालय के अलावा बच्चों के खेलने के लिए मैदान, आकर्षक बगीचा से स्कूल परिसर गुलजार दिख रहा है. आम तौर पर अधिकांश सरकारी विद्यालय के बच्चे मध्यान्ह भोजन के बाद घर चले जाते है टिफिन के समय मे भी बच्चे परिसर से बाहर नही निकलते है.