सीएसपी संचालक के 4.30 लाख उड़ाये

बेतिया : बाइक सवार दो अपराधियों ने सीएसपी संचालक के चार लाख 30 हजार रुपये उड़ा लिये. वारदात शहर के अति व्यस्त इलाके तीन लालटेन चौक की है. अपराधियों ने वारदात को अंजाम बड़े ही शातिराना ढंग से दिया है. पीड़ित संचालक नवलपुर निवासी इंद्रजीत प्रसाद की सूचना पर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 11, 2018 5:35 AM

बेतिया : बाइक सवार दो अपराधियों ने सीएसपी संचालक के चार लाख 30 हजार रुपये उड़ा लिये. वारदात शहर के अति व्यस्त इलाके तीन लालटेन चौक की है. अपराधियों ने वारदात को अंजाम बड़े ही शातिराना ढंग से दिया है. पीड़ित संचालक नवलपुर निवासी इंद्रजीत प्रसाद की सूचना पर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है.

पुलिस वारदात स्थल के आस-पास स्थित दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के जरिये अपराधियों की पहचान में जुट गई है. जिस तरह इस घटना को अंजाम दिया गया, उसे लेकर हर कोई हतप्रभ है. पीड़ित ने बताया कि वह नवलपुर में आरबीएल का ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करता है. ग्राहकों के बीच वितरण के लिए उसने नगर के सुप्रिया सिनेमा रोड स्थित एक्सिस बैंक से चार लाख 30 हजार की
सीएसपी संचालक के
निकासी कर तीन लालटेन चौक कार्यवश पहुंचा था. झोला उसके हाथ में ही था. इसी बीच वह जाने के लिए अपने बाइक के पास आया तो उसकी बाइक पंचर थी.
झोला हैंडिल में लटका कर वह बाइक को ठीक कराने के लिए जाने लगा तो पाया कि उसके बाइक के दूसरे हैंडिल में मैला जैसा पदार्थ लगा हुआ है. हाथ में लगते ही वह दस कदम पर चापाकल पर धोने चला गया. इसी बीच अपाची पर सवार दो युवक आये और हैंडिल में लटक रहे रुपयों से भरा झोला को झप्पटा मारकर लेकर सागर पोखरा की ओर से फरार हो गये. पुलिस ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है. आसपास के दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला जा रहा है.
कपड़ा व्यवसायी के भी उड़ाये थे साढ़े पांच लाख : गुरुवार को जिस तीन लालटेन चौक से इंद्रजीत प्रसाद के रुपये उड़ाये गये, इसी चौक से बीते दिनों कपड़ा व्यवसायी अमित गुप्ता के भी साढ़े पांच लाख रुपये उचक्कों ने उड़ा लिया था. घटना उस समय अंजाम दिया गया, जब अमित होटल में खाना खाने के बाद हाथ धोने गये थे. अब दूसरी घटना होने के बाद पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं. अति व्यस्त इलाका होने के बाद भी यहां पुलिस की तैनाती है. नतीजा ऐसे मामले बढ़ गये हैं.