बेतिया : मोतिहारी में सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह कार्यक्रम के दौरान आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेतिया को जलापूर्ति योजना का बड़ा तोहफा दिया है. 97 करोड़ 25 लाख की जलापूर्ति योजना का शिलान्यास रिमोट से किया. जलापूर्ति योजना वर्ष 2020 तक पूरा कर लिया जायेगा. पांच साल तक रख-रखाव निर्माण एजेंसी करेगी. योजना का क्रियान्वयन […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बेतिया : मोतिहारी में सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह कार्यक्रम के दौरान आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेतिया को जलापूर्ति योजना का बड़ा तोहफा दिया है. 97 करोड़ 25 लाख की जलापूर्ति योजना का शिलान्यास रिमोट से किया. जलापूर्ति योजना वर्ष 2020 तक पूरा कर लिया जायेगा. पांच साल तक रख-रखाव निर्माण एजेंसी करेगी.
योजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य जल परिषद करेगी. इसकी जानकारी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विपिन कुमार ने दी. बताया कि अमृत मिशन के तहत जलापूर्ति योजना से शहरवासियों को शुद्ध पेय उपलब्ध कराया जाना है. योजना को पूरा करने के बाद बिहार राज्य परिषद पांच साल तक रख-रखाव करेगा. रख-रखाव पर अलग से खर्च बिहार राज्य जल परिषद करेगा. ताकि निर्वाधरूप से शहरवासियों को शुद्ध पेय जल मिलता रहे.
शहर के 34 वार्डों के 21 हजार 800 परिवारों को मिलेगा शुद्ध पेयजल : अमृत मिशन के तहत जलापूर्ति योजना का अब लाभ शहर के 34 वार्ड के लोगों को मिलेगा. सर्वे के अनुसार 21 हजार 800 परिवार जलापूर्ति योजना से लाभाविंत होंगे. इओ ने बताया कि सरकार की इस अतिमत्वाकांक्षी योजना के तहत शहर के इन वार्डों सभी घरों तक शुद्ध पेय जलापूर्ति की जानी है.जलापूर्ति निर्वाध्यरूप से होगी. ताकि लोगों को शुद्ध पेय जल मिल सके. उन्हे दूषित जल नहीं पीना पड़े.
वर्तमान में चलायी जा रही जलापूर्ति योजना को किया जायेगा समाहित : नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि पूर्व में शहर के पांच वार्डों में पीएचइडी विभाग की ओर से जलापूर्ति योजना का कार्य चल रहा है. लेकिन अमृत मिशन के तहत जलापूर्ति का कार्य प्रारंभ होने के बाद वर्तमान में चलायी जा रही जलापूर्ति योजना को समाहित कर लिया जायेगा. शहर के सभी परिवारों को शुद्ध पेय जल मिले. इसमें किसी तरह की बाधा नहीं उत्पन्न हो. इसलिए अमृत मिशन योजना में समाहित कर जलापूर्ति करायी जायेगी.
मोतिहारी में रिमोट से किया शिलान्यास, वर्ष 2020 तक पूरी होगी योजना
अमृत मिशन के तहत बिहार जल परिषद के माध्यम से जलापूर्ति योजना को किया जायेगा पूरा
पांच साल तक अलग से रख-रखाव पर जल परिषद करेगी खर्च
जलापूर्ति के लिए बनायी जायेंगी सात जलमीनार
अमृत मिशन के तहत शहरवासियों को जलापूर्ति के लिए सात मीनार का निर्माण कराया जायेगा. इसके लिए स्थल का भी चयन कर लिया गया है. जिन स्थलों पर जल मीनार का निर्माण होना है, उसमें एक्साइज डीपो के समीप, घुसुकपुर, ब्लॉक के आस-आस हजारी पशु मेला में दो जल मीनार के अलावे तीन अन्य जगहों पर का निर्माण होगा. जिससे शहरवासियों को शुद्ध पेय जल की आपूर्ति की जायेगी.