INDO-Nepal Border Road Project: उत्तर बिहार के बॉर्डर इलाकों में बन रहे इंडो-नेपाल बॉर्डर सड़क प्रोजेक्ट आखिरी दौर में पहुंच चुका है. काफी समय से अधूरी पड़ी इस सड़क को लेकर अब अच्छी खबर सामने आ रही है. उम्मीद है कि जल्द ही यह सड़क बनकर तैयार हो जाएगी और लोगों के लिए खोल दी जाएगी.
बिहार के इन 7 जिलों में होकर गुजरेगी सड़क
इस सड़क के बनने से सीमांचल, मिथिलांचल और चंपारण इलाके के लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा. यह सड़क पश्चिम चंपारण से शुरू होकर पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया होते हुए किशनगंज के गलगलिया तक जाएगी. यह सड़क भारत-नेपाल सीमा के समानांतर बन रही है. इसलिए इसे काफी अहम माना जा रहा है. इससे इन इलाकों में आने-जाने की सुविधा बेहतर होगी और लोगों की जिंदगी आसान होगी.
प्रोजेक्ट के बारे में जानिये
बिहार में इस सड़क की कुल लंबाई करीब 554 किलोमीटर है, जिसमें से 531 किलोमीटर से ज्यादा का काम पूरा हो चुका है. कई जगहों पर पुल और पुलिया का काम भी अंतिम चरण में है. किशनगंज जिले में करीब 80 किलोमीटर सड़क बनाई जानी है, जहां तेजी से काम चल रहा है.
यह सड़क सिर्फ आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बहुत जरूरी है. इससे सीमा सुरक्षा बल के जवानों को आने-जाने में आसानी होगी और बॉर्डर पर निगरानी मजबूत होगी. साथ ही तस्करी और अवैध गतिविधियों पर भी रोक लगेगी. इसके अलावा भारत और नेपाल के बीच व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
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विकास को मिलेगी रफ्तार
अधिकारियों का कहना है कि अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो इस साल के अंदर यह सड़क पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगी. इसके बनने से पूरे इलाके की तस्वीर बदल सकती है और विकास को नई रफ्तार मिलेगी.
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