एक अरब 7 करोड़ 76 लाख के बजट का प्रस्ताव पारित
10 करोड़ से सड़क, 15 करोड़ से शुद्ध पेयजल व डेढ़ करोड़ से बनेगा नाला... बेतिया : नगर परिषद में आगामी बजट सत्र 2018-19 के लिए बजट की स्वीकृति को लेकर उप सभापति क्यूम अंसारी की अध्यक्षता में विशेष बैठक हुई. इस दौरान बजट प्रस्ताव की समीक्षा की गयी. इसके बाद बजट सत्र 2018-19 के […]
10 करोड़ से सड़क, 15 करोड़ से शुद्ध पेयजल व डेढ़ करोड़ से बनेगा नाला
बेतिया : नगर परिषद में आगामी बजट सत्र 2018-19 के लिए बजट की स्वीकृति को लेकर उप सभापति क्यूम अंसारी की अध्यक्षता में विशेष बैठक हुई. इस दौरान बजट प्रस्ताव की समीक्षा की गयी. इसके बाद बजट सत्र 2018-19 के लिए एक अरब, 7 करोड़ 76 लाख के प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान की गयी. इनमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस बजट प्रस्ताव में से 10 करोड़ की राशि सड़क के नवनिर्माण व मरम्मत पर खर्च होगी. जबकि डेढ़ करोड़ की राशि से नगर परिषद क्षेत्र में ध्वस्त नालों का निर्माण किया जायेगा. वहीं 15 करोड़ की राशि नगर परिषद क्षेत्र में शुद्ध पेयजल पर खर्च करने का प्रस्ताव है. नप सभापति गरिमा सिकारिया मुख्यालय से बाहर होने के कारण इस बैठक में शामिल नहीं हो सकीं.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017-18 के लिए 97.16 करोड़ की बजट पारित हुआ था. इसमें करीब 4 करोड़ की राशि विभाग से विशेष सहाय्य अनुदान के रूप में मिली थी. आगामी वर्ष के लिए ऐसी कोई स्वीकृति नहीं मिलने से बजट का आकार छोटा हो गया है. वहीं सार्वजनिक रोशनी व शौचालय निर्माण जैसी मुख्य योजनाओं के क्रियान्वयन विभागीय स्तर का भी असर बजट के प्रारूप पर पड़ा है. चालू वर्ष में नप क
आंतरिक स्रोतों से कुल 35.12 करोड़ के राजस्व प्राप्ति का अनुमान बजट में किया गया है. इसमें मोबाइल टावर व सरकारी भवनों से कुल 11.28 करोड़ वसूल कर लिये जाने की योजना नप बोर्ड ने बनायी थी. लेकिन यह वसूली नगण्य रहने से बजट का आकार प्रभावित हुआ. इसकी भरपाई वर्ष के शेष समय में होना संभव नहीं है. अबकी बार आंतरिक संसाधनों से कुल राजस्व वसूली 12 से 15 करोड़ तक ही रह जाने के आसार हैं.
आवास योजना में रूद्राभिषेक एजेंसी के फर्जीवाड़े की होगी जांच: उपसभापति क्यूम अंसारी ने बजट प्रस्ताव समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि नप क्षेत्र में आवास योजना में गड़बड़ी के मामले सामने आये हैं. शिकायतों के आलोक में रूद्राभिषेक एजेंसी की ओर से कराये जा रहे विभिन्न आवास योजना में गड़बड़ी की जांच करायी जायेगी. इसके बाद जिम्मेवार एजेंसी पर कार्रवाई होगी.
