बेतिया राज की भूमि पर हो रहा पक्का निर्माण

बेतिया : राज की भूमि पर अतिक्रमण कर पक्का निर्माण का खेल एक बार फिर तेज हो गया है. लीज धारकों की मृत्यु हो जाने के बाद राज की उन जमीनों को बेचकर पक्का निर्माण किया जा रहा है. इधर-उधर को कौन कहे राज कचहरी के परिसर में भी अतिक्रमणकारी काबिज होकर जगह बनाने में […]

बेतिया : राज की भूमि पर अतिक्रमण कर पक्का निर्माण का खेल एक बार फिर तेज हो गया है. लीज धारकों की मृत्यु हो जाने के बाद राज की उन जमीनों को बेचकर पक्का निर्माण किया जा रहा है.
इधर-उधर को कौन कहे राज कचहरी के परिसर में भी अतिक्रमणकारी काबिज होकर जगह बनाने में जुटे हैं. इसके बाद भी आरोप है कि राज व्यवस्थापक की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. हद तो यह कि राज प्रबंधक के आवास से सटे लाल बाजार के अलावा शहरी क्षेत्र में दर्जन भर जगह अतिक्रमण का दौर शुरू हो गया है.
इधर राजगुरु परिवार के प्रमोद व्यास ने बयान जारी कर आरोप लगाया है कि राज की ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि पर अतिक्रमण का सिलसिला जहां रोके नहीं रुक रहा. वहीं जिला व राज प्रशासन के सटे शहरी क्षेत्र में भी अतिक्रमण जारी है. राज की भूमि को कतिपय माफिया मोटी राशि लेकर बेच रहे हैं. वहीं अतिक्रमणकारियों की ओर से ऐतिहासिक धरोहरों को तोड़कर जगह बनाने का कार्य जारी है. बिहार सरकार के राजस्व विभाग के सदस्य सह सख्त अधिकारी केके पाठक का बेतिया में हाल ही में हुए निरीक्षण से अतिक्रमणकारियों में खलबली मची थी. उन्होंने अतिक्रमण का जायजा लेते हुए कई निर्देश भी दिये थे. इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुका.
बोर्ड ऑफ रेवेन्यू का निर्देश है कि जिनको लीज दी गयी है वे कर्कट शेड का निर्माण करेंगे. लेकिन यहां पर एक मंजिल और दो मंजिल ही नहीं, बहुमंजिली इमारतें निर्माण कर दी गयी हैं. यह सुप्रीम कोर्ट के 1986 के आदेश का उल्लंघन है. हालांकि राज प्रबंधक की ओर से अवैध निर्माण करनेवालों पर प्राथमिकी दर्ज कर अपने कर्तव्य का निर्वाह कर लिये जाने का आरोप है

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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