दियारा में दिखा बाघ, दहशत

पिपरासी : प्रखंड स्थित मंझरिया पंचायत के कतकी सरेह बैलट गांव व बैतरणी नाला के तरफ बाघ की जोड़ी देखकर लोगों में दहशत एवं भय व्याप्त हो गया. बाघ को देखने के बाद डर से किसान खेतों के तरफ नहीं जा रहे है. ग्रामीणों ने बताया की बाढ़ के दौरान पानी में बहकर वीटीआर से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 28, 2017 11:26 AM
पिपरासी : प्रखंड स्थित मंझरिया पंचायत के कतकी सरेह बैलट गांव व बैतरणी नाला के तरफ बाघ की जोड़ी देखकर लोगों में दहशत एवं भय व्याप्त हो गया. बाघ को देखने के बाद डर से किसान खेतों के तरफ नहीं जा रहे है.
ग्रामीणों ने बताया की बाढ़ के दौरान पानी में बहकर वीटीआर से दो बाघ इस सरेह में आ गये हैं.दोनों बाघ द्वारा एक जानवर का शिकार भी किया गया. जिसका कंकाल बैतरणी नाला के पास पड़ा हुआ है.पिपरासी के पूर्व जिलापार्षद चंद्रभान कुशवाहा ने बताया की लोगों द्वारा उन्हें सूचना दी गयी हैं कि बाघ का एक जोड़ा सरेह में आ गया है.
जो जलस्तर के घटने के बाद अब रिहायशी इलाकों के आस-पास भी विचरण करते देखा गया हैं.पूर्व पार्षद ने बताया की दियारा क्षेत्र के किसानों को खेती संबंधित कार्य करने में काफी दिक्कत हो रही हैं.लोग झुण्ड बनाकर खेतों के तरफ जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनके द्वारा वनविभाग को इसकी सूचना दे दी गयी हैं.
गैंडे के रेस्क्यू को वन अफसरों की बनी चार टीम : वाल्मीकिनगर. विभिन्न क्षेत्रों में 9 गैंडों की सूचना के बाद रेस्क्यू के लिए वन अधिकारियों की चार टीम बनायी गयी है.
वन प्रमंडल 2 के डीएफओ अमित कुमार और वाल्मीकि नगर रेंजर आर के सिन्हा के नेतृत्व में नेपाली वनाधिकारियों समेत उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर वन क्षेत्र के डीएफओ और वनकर्मियों की संयुक्त टीम को चार अलग-अलग भागों में बांट कर रेस्क्यू चलाया जा रहा है.इस बाबत डीएफओ अमित कुमार ने बताया किए महाराजगंज उत्तर प्रदेश के डीएफओ मनीष कुमार सिंह,कुशीनगर जिला के डीएफओ विब्रहम,वन प्रमंडल एक के डीएफओ गौरव झा समेत नेपाली वन अधिकारी इसमें शामिल हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि वह भेड़िहारी वन क्षेत्र के सिरला दियारा क्षेत्र में एक गैंडे के विचरण का पगमार्क मिला है. इसलिए एक टीम को भेड़िहारी वन क्षेत्र में दूसरे को धनिया और चुलभट्ठा वन क्षेत्र में तीसरी टीम को नेपाल के नरसैया समेत केवलानी वन क्षेत्र में और चौथी टीम को बिहार उत्तर प्रदेश की सीमा पर शिवपुर रेंज महाराजगंज जिले में तैनात किया गया है. ताकि शीघ्र से शीघ्र गैंडों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया जाए.इन सभी गैंडों पर नेपाली वन प्रशासन सहित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अधिकारी और कर्मी अपनी चौकस निगाह रखे हुए है.