मोतिहारी में रेड लाइट एरिया और आर्केस्ट्रा ग्रुप पर पुलिस की छापेमारी, 6 आर्केस्ट्रा संचालकों को दबोचा

Motihari: मोतिहारी में पुलिस ने आर्केस्ट्रा ग्रुप्स पर छापेमारी कर 16 नाबालिग लड़कियों को बचाया है. इन लड़कियों से क्लासिक डांस के नाम पर गलत काम कराया जा रहा था. इस मामले में 6 संचालकों को गिरफ्तार किया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.

Motihari: बिहार के मोतिहारी जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई आर्केस्ट्रा ग्रुप्स पर छापेमारी की. लोगों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि यहां नाबालिग लड़कियों से गलत काम कराया जा रहा है. इसी आधार पर पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ अभियान चलाया. इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 16 नाबालिग लड़कियों को बचाया. ये लड़कियां ढाका, पचपकड़ी और पताही थाना इलाके से मिलीं. पुलिस ने बताया कि ढाका से 2, पचपकड़ी से 2 और पताही से 12 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया.

जांच में क्या सामने आया

जांच में सामने आया कि इन लड़कियों को काम का लालच देकर बुलाया गया था, लेकिन उनसे क्लासिकल डांस के नाम पर अश्लील डांस और गलत काम कराए जा रहे थे. इस मामले में पुलिस ने 6 आर्केस्ट्रा संचालकों को गिरफ्तार किया है. सभी के खिलाफ संबंधित थानों में केस दर्ज कर लिया गया है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान मानव तस्करी, बाल श्रम और अनैतिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए चलाया गया था. रेस्क्यू की गई लड़कियों में कुछ बिहार की हैं, जबकि कुछ अन्य राज्यों से भी लाई गई थीं.

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मामले की तह तक जाएगी पुलिस

फिलहाल सभी लड़कियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क के बारे में और जानकारी मिल सके.

पुलिस का कहना है कि अगर आगे भी इस तरह की शिकायतें मिलती हैं तो कार्रवाई जारी रहेगी. साथ ही अन्य आर्केस्ट्रा ग्रुप्स की भी जांच की जा रही है, ताकि इस तरह के गलत कामों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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