कानपुर व घोड़ासहन रेलकांडों में एनआइए को
थी तलाश
मोतिहारी/ रक्सौल : ड़ासहन व कानपुर रेल हादसों का आरोपित आइएसआइ एजेंट गजेंद्र शर्मा ने सोमवार को रक्सौल एसडीजेएम के न्यायालय में सरेंडर कर दिया. वह दोपहर करीब दो बजे न्यायालय में पहुंचा. जिले में कैंप कर रही एनआइए की टीम या जिला पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. उसने आदापुर थाना कांड संख्या 7/17 (अपहरण व डबल मर्डर) में सरेंडर किया, जिसके बाद न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
गजेंद्र शर्मा आदापुर के बखरी गांव का रहनेवाला है.वह आइएसआइ के इशारे पर घोड़ासहन में रेल ट्रैक पर बम प्लांट कर यात्री ट्रेन को डिरेल कराने की साजिश में शामिल था,लेकिन जिस अरुण राम व दीपक राम को बम विस्फोट कराने की जिम्मेवारी दी गयी थी, उसने ट्रैक पर बम विस्फोट नहीं कराया. इसको लेकर गजेंद्र सहित अन्य ने नेपाल ले जाकर दोनों की हत्या कर दी.उन्हीं दोनों की हत्या के तफ्सीस में नेपाल
आइएसआइए एजेंट गजेंद्र
आदापुर पुलिस ने छह संदिग्धों को पकड़ा तो घोड़ासहन व कानपुर रेल हादसे में आइएसआइ की संलिप्तता का खुलासा हुआ. उनकी गिरफ्तारी के बाद गजेंद्र शर्मा फरार हो गया. उसके पीछे जिला व नेपाल पुलिस के अलावे एनआइए की टीम लगी थी. दबिश में आकर उसने सोमवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. इधर, आदापुर पुलिस उसको रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है.
