Bihar News: बिहार सरकार ने प्रदेश के बिना डिग्री कॉलेज वाले प्रखंडों में नए कॉलेज खोलने की कार्यवाही शुरू कर दी है. इसके तहत पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया, तेतरिया और बनकटवा प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी गई है. शिक्षा विभाग ने इन क्षेत्रों में जमीन की तलाश तेज करते हुए डीएम से रिपोर्ट मांगी है, ताकि नए सत्र से ही पढ़ाई शुरू की जा सके. विभाग का मुख्य उद्देश्य उन प्रखंडों को कवर करना है जहां अभी एक भी कॉलेज संचालित नहीं है.
क्या मानक तय हुआ
शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन द्वारा जारी निर्देश में नए कॉलेजों के लिए मानक तय कर दिए गए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में 5 एकड़ और शहरी क्षेत्रों में 2.5 एकड़ जमीन होना अनिवार्य है. जिन प्रखंडों में अभी बिल्डिंग नहीं हैं, वहां तात्कालिक व्यवस्था के तहत राजकीय बुनियादी विद्यालयों या उच्च माध्यमिक स्कूलों के 10 अतिरिक्त कमरों में कक्षाएं संचालित की जाएंगी. जहां कमरों की कमी है, वहां प्री-फैब तकनीक से टेम्पररी क्लासरूम बनाए जाएंगे.
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छात्रों को होगा फायदा
पूर्वी चंपारण के पताही, पहाड़पुर, केसरिया, संग्रामपुर, कोटवा, तुरकौलिया, चिरैया और फेनहरा में भी कॉलेज निर्माण के लिए जांच प्रक्रिया चल रही है. जिलावार आंकड़ों के अनुसार राज्य के सैकड़ों प्रखंड उच्च शिक्षा की सुविधा से वंचित पाए गए थे. इसे सुधारने के लिए सात निश्चय-2 के तहत यह पहल की गई है. इस निर्णय से स्थानीय छात्रों को स्नातक की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में जाने की मजबूरी खत्म होगी और उनका समय और खर्च दोनों बचेगा.
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