Airport In Bihar: बिहार के इस हवाई अड्डा के लिए जारी हुआ नक्शा, 2360 मीटर लंबा होगा रनवे, जानिए पूरी प्लानिंग
Airport In Bihar: रक्सौल हवाई अड्डे को लेकर नक्शा जारी कर दिया गया है. इसका रनवे 2360 मीटर लंबा होगा. इसके साथ ही हवाई अड्डे के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. भविष्य में रक्सौल में बड़ा टर्मिनल भवन बनाने की भी योजना है.
Airport In Bihar: (मनोज कुमार) बिहार में बनने वाले रक्सौल हवाई अड्डे को लेकर बड़ा अपडेट है. सरकार की तरफ से रक्सौल हवाई अड्डे के लिए 139 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसके बाद अब नए साल के पहले महीने में ही रक्सौल एयरपोर्ट को लेकर नक्शा जारी हुआ है. इसमें रक्सौल एयरपोर्ट को चालू करने की पूरी प्लॉनिंग दिखाई गई है.
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और नागर विमानन मंत्रालय के प्रधान सचिव डॉ. नीलेश देवड़े ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए नक्शा शेयर किया. साथ ही लिखा कि रक्सौल हवाई अड्डे के विकास के लिए 139 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. जल्द ही जिला प्रशासन की तरफ से संबंधित भू-स्वामियों को मुआवजे का भुगतान शुरू किया जाएगा.
जमीन अधिग्रहण पूरा होने के बाद रक्सौल हवाई अड्डे का रनवे 2360 मीटर लंबा होगा, जिस पर एयरबस-320 और बोइंग-737 कैटेगरी के फ्लाइटों का सुरक्षित संचालन संभव हो सकेगा. इस पोस्ट के बाद यह उम्मीद और भी पुख्ता हो गई है कि आने वाले एक साल के अंदर रक्सौल से हवाई सेवा शुरू हो सकती है.
रक्सौल एयरपोर्ट को लेकर पूरी प्लानिंग
दरअसल, वर्तमान में रक्सौल हवाई अड्डा का रनवे 1372 मीटर है. इसको और 1000 मीटर बढ़ाया जाना है. रनवे का विस्तार पश्चिम की तरफ होगा और इसको लेकर तिलावे नदी पर पुल भी बनाए जाने की योजना है. इसके अलावा वर्तमान में टर्मिनल भवन, एटीसी टॉवर, एयरपोर्ट कॉलोनी, कार्गो बिल्डिंग आदि का भी निर्माण होना है. इसके बाद भविष्य में यहां बड़ा टर्मिनल भवन भी बनाए जाने की योजना है.
फिलहाल इस रनवे पर बड़े विमानों का परिचालन संभव नहीं है. लेकिन रनवे की लंबाई 2360 मीटर होने के बाद यहां एयरबस-320 जैसे विमान उतर सकेंगे और इससे रक्सौल से देश के महानगरों तक सीधे विमान सेवा उपलब्ध हो सकेगी.
अभी कहां फंसा हुआ है पेंच?
रक्सौल में ब्राउन फील्ड एयरपोर्ट का निर्माण होना है. इसके लिए राज्य सरकार को जमीन का अधिग्रहण करके भारत सरकार के नागरिक विमानन मंत्रालय को जमीन देनी है. पेंच अधिग्रहण में फंसा हुआ है. सभी तरह के नोटिस का मामला होने के बाद अब मुआवजे की राशि को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है.
हवाई अड्डा विस्तार को लेकर जो जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, उस मौजा के किसानों का कहना है कि जो अंतिम नोटिस में मुआवजे की दर तय की गई है, वह काफी कम है. हमलोगों की जमीन इससे पहले भी सरकारी योजना में साल 2012 और 2018 में ली गई थी, उससे भी कम मुआवजा का नोटिस इस बार दिया गया है. ऐसे में हमलोग इसका विरोध कर रहे हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस विवाद को खत्म कर अधिग्रहण की प्रक्रिया को समाप्त करती है.
