कानपुर रेल हादसा
दोनों नेपाली थे गिरि बाबा के साथ
मोतिहारी : भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय आइएसआइ नेटवर्क में गिरफ्तार भारतीय संदिग्धों के साथ करीब 10 लोग हैं. इसके अलावा करीब आधा दर्जन वैसे लोग हैं जो नेपाल में रहते हैं और पाकिस्तानी आइएसआइ के निर्देश पर आतंकी घटनाओं को अंजाम देते हैं. इन सबका संरक्षणकर्ता ब्रजकिशोर गिरि उर्फ बाबा तथा गजेंद्र शर्मा है. बाबा तो अभी नेपाल पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन गजेंद्र शर्मा फरार चल रहे हैं, जिनका संबंध आदापुर, घोड़ासहन के अलावा चिरैया के कई लोगों से जिस जांच विभिन्न जांच एजेंसियां कर रही है. गजेंद्र आदापुर बखरी का निवासी है जो घोड़ासहन में दुकान खोल गायकी का कार्य करता था.
भारतीय सीमा पूर्वी चंपारण से गिरफ्तार मोतीलाल पासवान, उमाशंकर पटेल और राकेश कुमार यादव को बेउर जेल से रिमांड पर लेकर एनआइए पूछताछ कर रही है. अब तक की जांच में जो बात सामने आयी है उसके अनुसार मोतीलाल ने खुलासा किया है कि गिरि बाबा अपने साथ मोजाहिर अंसारी और दो नेपाली अनजान व्यक्ति को पास लाये थे, जो देखने में वेशभूषा से पुलिस लग रहे थे. बाबा उसमें से एक को जियाउल तथा दूसरे को सोमेव नाम से पुकार रहे थे. ये लोग छौड़ादानों में मिले और कानपुर में संगठन का काम करने की बात हुई थी. मामले को ले एनआइए टीम घोड़ासहन से छौड़ादानो तक दो-तीन बार जांच कर चुकी है.
नवगठित संगठन के सदस्य: ब्रजकिशोर गिरि उर्फ बाबा (कलैया नेपाल), बाबा का साला शंभू गिरि(कलैया), मुजाहिर (कलैया), रामभरोष दास(पताही), शमशुल होदा (नेपाल, दुबई, दिल्ली), राकेश यादव, गजेंद्र शर्मा(बखरी आदापुर), मुकेश यादव(झिटकहियां आदापुर), उमाशंकर पटेल (गम्हरिया रक्सौल) और नेपाल के कई अपराधी संगठन के सदस्य हैं.
छौड़ादानो जनता चौक पर हुई थी बैठक : घोड़ासहन रेलवे ट्रैक पर आइइडी लगाने के एक रोज पूर्व छौड़ादानो के जनता चौक पर हुई थी समीक्षा सह तैयारी बैठक. आइइडी बनाने का सामान नेपाल से ही आया था. बैठक में ब्रजकिशोर गिरि, शंभू गिरि, मोजाहिर अंसारी, राकेश यादव, मुकेश यादव, गजेंद्र शर्मा आदि शामिल थे.
