भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार ISI एजेंट के मोबाइल से मिले 196 कॉन्टेक्ट नंबर
मोतिहारी : भारत-नेपाल के सीमाई इलाके से गिरफ्तार आइएसआइ के तीन एजेंटों में उमाशंकर पटेल के पास से बरामद मोबाइल के फोनबुक में सुरक्षित नंबरों की पड़ताल सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू कर दी है.उसके मोबाइल में करीब 196 नंबर सुरक्षित है, उसमें 23 मोबाइल नंबर नेपाल का है. फिलहाल उक्त सभी मोबाइल नंबर स्वीच ऑफ […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मोतिहारी : भारत-नेपाल के सीमाई इलाके से गिरफ्तार आइएसआइ के तीन एजेंटों में उमाशंकर पटेल के पास से बरामद मोबाइल के फोनबुक में सुरक्षित नंबरों की पड़ताल सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू कर दी है.उसके मोबाइल में करीब 196 नंबर सुरक्षित है, उसमें 23 मोबाइल नंबर नेपाल का है. फिलहाल उक्त सभी मोबाइल नंबर स्वीच ऑफ बता रहा है.
अब उन मोबाइल नंबरों के धारक का पता लगाया जा रहा है.आइटी एक्सपर्ट के सहयोग से उन मोबाइल नंबरों का सीडीआर निकाल जायेगा. इसके लिए रविवार को आइटी एक्सपर्ट को बुला सीडीआर निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. सुरक्षा एजेंसियों की नजर गिरफ्तार आइएसआइ एजेंट मोती पासवान, उमाशंकर पटेल व मुकेश कुमार से संबंध रखने वाले तमाम लोगों पर है.
सूत्र बताते है कि उमाशंकर के मोबाइल में ब्रजकिशोर से बातचीत का वॉयस रिकॉर्ड साबित कर रहा है कि आइएसआइ से उसका कनेक्शन है.इस लिहाज से उसके सम्पर्क में रहने वाले लोगों के संबंध में छानबीन काफी जरूरी है. इसके लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की टीम सीमावर्ती इलाकों में पहुंच गोपनीय ढंग से पड़ताल शुरू कर दी है. इसी जांच के दौरान पिछले नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में आदापुर के पास रेलवे ट्रैक पर विस्फोट की घटना की छानबीन भी हो रही है. हालांकि उस घटना की एफआइआर संबंधित जीआरपी या आरपीएफ में दर्ज नहीं है. उस समय जीआरपी व आरपीएफ ने घटना स्थल का मुआयना के बाद कहा था कि विस्फोट होने का कोई प्रमाण नही मिला है. जबकि घटना स्थल से एक किलोमीटर दूर के ग्रामीणों ने विस्फोट की आवाज सुनी थी.
आंध्र प्रदेश रेल हादसा के बाद सुरक्षा एजेंसिया चौकन्नी :
शनिवार की रात आंध्र प्रदेश में रेल हादसा के बाद सुरक्षा एजेंसिया चौकन्नी हो गयी है, क्योंकि ठीक इसी तरह का रेल हादसा कानपुर में हुआ था. वहीं गुरुवार को उत्तर प्रदेश के हापुड़ के आसपास रेल पटरी काट सप्तक्रांति एक्सप्रेस को निशाना बनाने का प्रयास किया गया था. मोतिहारी पहुंची सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने तीनों घटना को एक साथ जोड़ कर देख रहे है.उनका कहना है कि तीनों घटना हादसा नहीं,बल्कि सुनियोजित ढंग से ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त कराया गया है. राष्ट्रविरोधी ताकत दहशतगर्दी का पैटर्न बदल कर सधारण ढंग से बड़ी क्षति करा रहे है. इन बिंदुओं पर भी जांच एजेंसियां तहकीकात शुरू कर दी है.