बिहार के इस जिले में 15000 लोगों का राशनकार्ड से कटेगा नाम, सख्त निर्देश जारी

Bihar Ration Card: बिहार में मुफ्त राशन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. आधार से राशनकार्ड लिंक नहीं कराने वाले लोगों पर कार्रवाई शुरू हो गई है. ई-केवाईसी नहीं कराने वाले हजारों कार्डधारकों का राशन बंद किया गया है और नाम हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.

Bihar Ration Card: केंद्र और राज्य सरकार का खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग गरीबों को मिलने वाले मुफ्त राशन को सही लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है. विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि जो लोग इस योजना के हकदार नहीं हैं, उनके राशनकार्ड की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए.

क्या है वजह

मोतिहारी के करीब 15 हजार ऐसे राशनकार्ड धारकों का राशन रोक दिया गया है, जिन्होंने अब तक अपना आधार कार्ड राशनकार्ड से नहीं जोड़ा है. विभाग अब इन सभी राशनकार्ड धारकों का नाम सूची से हटाने की तैयारी में है.

विभाग के आदेश के बावजूद अभी तक सिर्फ 80 प्रतिशत राशनकार्ड धारकों ने ही ई-केवाईसी पूरी कराई है. विभागीय जानकारी के अनुसार 31 दिसंबर तक हर हाल में सभी राशनकार्ड धारकों का ई-केवाईसी पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है.

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इतने लोगों ने अब तक नहीं कराया ई-केवाईसी

अनुमंडल के अरेराज, संग्रामपुर, पहाड़पुर और हरसिद्धि प्रखंड में कुल 5 लाख 40 हजार राशनकार्ड हैं. इनमें से अब तक एक लाख आठ हजार राशनकार्ड धारकों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है. इसके अलावा, विभाग ने चारों प्रखंडों में करीब 11 हजार आर्थिक रूप से सक्षम राशनकार्ड धारकों को चिन्हित किया है, जिनका राशनकार्ड रद्द करने के लिए सूची पोर्टल पर भेज दी गई है.

इस सूची में जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी, 25 लाख रुपये से अधिक सालाना कारोबार करने वाले व्यवसायी, इनकम टैक्स देने वाले लोग, मीडियम और भारी वाहन के मालिक तथा बड़े जमीन मालिक शामिल हैं.

प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (Block Supply Officer) अंकित कुमार ने बताया कि अब तक 80 प्रतिशत राशनकार्ड धारकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जबकि बाकी लोगों को जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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