मोतिहारी के 200000 से ज्यादा बच्चों को पढ़ाएगा IIT कानपुर, सरकारी स्कूलों में शुरू होगी ऑनलाइन कोचिंग

Bihar Education Department: मोतिहारी के DEO राजन कुमार गिरी विभागीय निर्देश के आलोक में तैयारी शुरू कर दी गई है. हेडमास्टर और शिक्षकों की लिस्ट तैयार कर विभाग को भेजी जा रही है. इन सभी का ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी. डीपीओ नित्यम कुमार गौरव को बनाया गया है. इस योजना से छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा.

Bihar Education Department: मोतिहारी जिले के सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है. अब कक्षा 9वीं से 12 वीं तक के छात्र-छात्राओं को स्कूल कैंपस में ही फ्री कोचिंग की सुविधा मिलेगी. इस पहल का मकसद छात्रों को प्राइमरी लेवल से ही सरकारी नौकरी, इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सक्षम बनाना है. शिक्षा विभाग के अनुसार, इस योजना से 204462 छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा. योजना को फेज वाइज तरीके से सभी सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में लागू किया जाएगा.

नौवीं से 12वीं के करीब दो लाख छात्रों की ऑनलाइन कोचिंग जल्द

मोतिहारी के 434 हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल में क्लास नौवीं से 12वीं तक के करीब दो लाख छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन कोचिंग जल्द शुरू होगी. कक्षा 11 और 12 के करीब 90 हजार छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी शिक्षक कराएंगे. क्लास नौ और 10 के लगभग एक लाख 15 हजार 77 विद्यार्थियों को फाउंडेशन (बेसिक) कोर्स कराया जाएगा. साथ ही सीयूईटी, एसएससी, बैंकिंग समेत अन्य प्रतियोगिता परीक्षा की भी तैयारी कराई जाएगी.

आइआइटी के विशेषज्ञ कराएंगे तैयारी

स्कूलों की कक्षाओं की लाइव स्मार्ट क्लास के लिए आइआइटी कानपुर को मदद करने के लिए कहा गया है. फ्री कोचिंग की सुविधा जल्द शुरू करने के संबंध में शिक्षा विभाग ने डीइओ को आवश्यक कार्यवाही का निर्देश दिया है. इसके लिए सभी जिलों में नोडल अधिकारी नामित करने के लिए कहा है. हर दिन स्कूल में ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मिलेगी. शिक्षक इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराएंगे.

आइआइटी कानपुर की संस्था साथी के जरिए कोचिंग की मिलेगी सुविधा

सरकारी स्कूलों के छात्रों को आईआईटी कानपुर की संस्था साथी के जरिए कोचिंग की सुविधा मिलेगी. इसके लिए बीते सितंबर में शिक्षा विभाग और आईआईटी कानपुर के बीच एमओयू हुआ है. प्रत्येक कार्यदिवस पर ऑनलाइन क्लास होगी.

इंजीनियरिंग की इच्छा रखने वाले छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन कक्षा में गणित, भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी की कोचिंग दी जाएगी. इसी प्रकार मेडिकल को कॅरियर बनाने की इच्छा रखने वालों को जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भौतिकी और रसायन विज्ञान और अंग्रेजी पढ़ाई जाएगी.

कक्षा में स्मार्ट टीवी लगेगा

स्कूलों में ऑनलाइन कक्षा संचालित करने के लिए बड़ा स्मार्ट टीवी या बोर्ड के साथ ही सभी आवश्यक इक्विपमेंट मुहैया कराए जाएंगे. इससे ही ऑनलाइन क्लास चलेगी. बिजली कटने की स्थिति में बैट्री और इनवर्टर से कक्षाएं चलेंगी. आईआईटी कानपुर से ही विशेषज्ञ बच्चों को पढ़ाएंगे.

सोमवार से शुक्रवार तक बच्चे ऑनलाइन कोचिंग करेंगे. सप्ताह में जो पाठ पढ़ाया गया है, उससे संबंधित प्रश्न के साथ मूल्यांकन किया जाएगा. मूल्यांकन के दौरान अच्छे विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी. ऐसे बच्चों को और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा.

एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए भी विद्यार्थी तैयार होंगे

कक्षा 11 और 12 में पढ़ने वाले जिन विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी में रुचि नहीं होगी, उन्हें एसएससी (स्टाफ सेलेक्शन कमीशन) जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. ऐसे बच्चों का अलग समूह बनाया जाएगा. इन्हें एसएससी व इसके समकक्ष प्रतियोगिता परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा.

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शिक्षा और करियर को एक साथ जोड़ने की पहल

अब तक छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्कूल के बाद अलग से महंगी कोचिंग संस्थानों का सहारा लेना पड़ता था. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को नुकसान होता था. सरकार की यह नई योजना इस असमानता को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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