उदासीनता. लाख प्रयास के बावजूद नहीं मिल रही जमीन
नगर सरकार भवन, सम्राट अशोक भवन एवं रैन बसेरा का होना है निर्माण
जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण वर्षों से लंबित हैं योजनाएं
मोतिहारी : शहरी विकास की राह में भूमि की उपलब्धता रोड़ा बन रही है. सरकारी भूमि के अभाव में विकास योजनाओं की रफ्तार पर ब्रेक लग गयी है. मोतिहारी नगरपालिका में ऐसी कई योजनाएं भूमि की पेंच में फंसी है. वर्षों पुरानी इन योजनाओं के लिए अब भी जमीन उपलब्ध नहीं हुए है. जिस कारण योजनाएं अधर में लटकी है. जबकि जनहित में इन योजनाओं का पूरा होना काफी महत्वपूर्ण है. जबकि इस दिशा में योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर नप प्रशासन द्वारा किया गया प्रयास का परिणाम भी महज कागजों तक ही सिमट कर रह गयी है. नप प्रशासन एवं जिला प्रशासन के बीच जमीन उपलब्ध कराने के लिए दर्जनों बार पत्राचार हुयी.
लेकिन उस प्रयास का अबतक कोई ठोस रिजल्ट नहीं आया. दो साल पुरानी इन योजनाओं के लिए आज भी कागजी घोड़ा ही दौड़ रही है. इधर राशि खर्च नहीं होना निकायों के लिए सिरदर्द बन गया है. विभाग ऐसी पुरानी योजनाओं के क्रियान्वयन नहीं होने पर संजीदा है. और लगातार निकायों पर राशि खर्च नहीं होने की स्थिति में आवंटित राशि को वापस करने का दबाव बना रही है. ऐसे में जमीन उपलब्ध नहीं होने पर करोड़ों की योजनाओं पर ग्रहण लगने की संभावना है.
नगरपालिका कार्यालय का फाइल फोटो
सम्राट अशोक भवन: शहर में उच्च क्षमता के ऑडोटोरियम निर्माण की योजना है. सम्राट अशोक के नाम से ऑडोटोरियम निर्माण को लेकर सरकार से वर्ष 2014-15 में राशि प्राप्त हुयी. मॉडल ऑडोटोरियम निर्माण की लागत राशि करीब 45 लाख रुपये निर्धारित है. इसके भवन निर्माण के लिए वर्ष 2014 में योजना की स्वीकृति के साथ नप को दस लाख रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ. निर्माण के लिए 96 फिट गुणा 82 फिट जमीन की आवश्यक्ता है. लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अबतक योजना अधर में लटकी है.
नगर सरकार भवन : नगरपालिका कार्यालय के लिए आधुनिक मॉडल के भवन निर्माण की योजना है. नगर सरकार भवन का निमार्ण की लागत राशि तीन करोड़ है. भवन निमार्ण के लिए 139 फिट गुणा 94 फिट की भूमि की जरूरत है. बताया जाता है कि भवन निर्माण को लेकर स्थल का चयन कर लीया गया है. लेकिन जमीन का स्वामित्व जिला प्रशासन के पास होने के कारण हस्तानांतरण में पेंच है़
जमीन नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण : मुख्य पार्षद
नप मुख्य पार्षद प्रकाश अस्थाना ने कहा कि नगर की इतनी महत्वपूर्ण योजना के लिए दुर्भाग्यवश जमीन नहीं मिल सकी है. जिलाधिकारी चाहते हैं कि शीघ्र कार्यों का निष्पादन कर जमीन उपलब्ध करायी जाये, लेकिन निचले पदाधिकारियों के जजबाती नहीं होने के कारण कार्य में विलंब हो रहा है.
लंबित योजनाओं के निर्माण को लेकर जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को पुन: पत्र लिखी गयी है. जिलाधिकारी द्वारा इस दिशा में अग्रतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. भूमि उपलब्ध होते ही अन्य प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य चालू कराया जायेगा.
अमर मोहन प्रसाद, ईओ, मोतिहारी
