भारतीय कंपनी से छिना सड़क निर्माण का काम

रक्सौल : सीमावर्ती बारा जिले के निजगढ़ से काठमांडू तक प्रस्तावित छह लेन फास्ट ट्रैक सड़क का निर्माण कार्य भारतीय एजेंसी से अब नहीं कराया जायेगा. इसको लेकर पूर्व के प्रस्ताव को नेपाल कैबिनेटने गुरुवार को रद्द कर दिया. कैबिनेट की बैठक के बाद नेपाल के उद्योग मंत्री नविन्द्रराज जोशी ने बताया कि भारतीय कंपनी […]

रक्सौल : सीमावर्ती बारा जिले के निजगढ़ से काठमांडू तक प्रस्तावित छह लेन फास्ट ट्रैक सड़क का निर्माण कार्य भारतीय एजेंसी से अब नहीं कराया जायेगा. इसको लेकर पूर्व के प्रस्ताव को नेपाल कैबिनेटने गुरुवार को रद्द कर दिया. कैबिनेट की बैठक के बाद नेपाल के उद्योग मंत्री नविन्द्रराज जोशी ने बताया कि भारतीय कंपनी आइएल एंड एफसीएल के फास्ट ट्रैक बनाने के प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया है. पूर्व में जब नेपाल में कांग्रेस की सरकार थी, तो तत्कालीन

भारतीय कंपनी से…
प्रधानमंत्री सुशील कोइराला की सरकार ने ग्लोबल टेंडर निकाल कर भारतीय कंपनी को सड़क बनाने की जिम्मेवारी दी थी. इसके बाद नेकपा एमाले सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा कि सरकार इस सड़क को खुद बनायेगी, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया. इसके बाद से असमंजस की स्थिति थी कि फास्ट ट्रैक रोड का निर्माण कैसे होगा. गुरुवार को भारतीय कंपनी को काम देने का प्रस्ताव रद्द होने के बाद साफ हो गया है कि सड़क का निर्माण अब नेपाली ठेकेदार ही करायेंगे. नेपाल सरकार ने डॉ मिनबहादुर श्रेष्ठ की अध्यक्षता में एक सात सदस्यीय कमेटी का गठन कर डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया है. बता दें कि उक्त सड़क के निर्माण के बाद रक्सौल से काठमांडू जाने का समय काफी कम हो जायेगा. रक्सौल से काठमांडू की दूरी तीन से चार घंटे में पूरी कर ली जायेगी.
नेपाल कैबिनेट की बैठक में रद्द किया गया प्रस्ताव
ग्लोबल टेंडर में भारतीय कंपनी
को मिला था निर्माण का ठेका

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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