व्यथा. हाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छौड़ादानो का, सरकारी नियम फेल
दवा वितरण पर दवा का अभाव
अल्ट्रासाउंड केंद्र पर लगा ताला
छौड़ादानो : सीमाई प्रखंड छौड़ादानो स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत इतनी खराब हो गयी है कि अब इस अस्पताल को खुद ही इलाज की जरूरत है. प्रखंड के 15 पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवा उपलब्ध कराने के लिए बनाये गये इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन राम भरोसे होता है. चिकित्सा विभाग के वरीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण पीएचसी की व्यवस्था पूरी तरह से खराब हो चुकी है और यहां से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं.
निगरानी नहीं होने के कारण यहां पर चिकित्सकों ने अपने मन के हिसाब से नियम बना रखा है और सरकारी नियमों को ताक पर रखकर अपने हिसाब से अस्पताल का संचालन करते हैं. अस्पताल सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यहां पर प्रतिनियुक्त चिकित्सक सिफ्ट के हिसाब से नहीं बल्कि दिन के हिसाब से ड्यूटी करते है. एक-एक डॉक्टर अपनी ड्यूटी 24 घंटे के लिए ले लेते हैं. ऐसे में पीएचसी में प्रतिनियुक्त बाकि चिकित्सक छूट्टी पर होते हैं. अस्पताल सूत्रों ने बताया कि जो डॉक्टर 24 घंटे ड्यूटी करने की बात करते हैं वे भी ओपीडी के बाद अपने कर्तव्य से पिछा छूड़ा लेते हैं और अस्पताल को कनीय स्वास्थ्य कर्मियों के भरोसे छोड़ देते हैं.
मूलभूत सुविधाओं का आभाव : स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भवन के अलावे अन्य सभी प्रकार की सुविधाओं का अभाव है. अस्पताल में दवा नहीं होने के कारण मरीजों को बाहर से पैसे खर्च कर दवा खरीद करना पड़ता है. वैसे लोग जो अस्पताल के भरोसे दवा मिलने का मन बनाकर इलाज कराने आते है तो उन्हें निराश हाथ लगती है. अस्पताल में एक्स-रे केंद्र नियमित तौर पर बंद रहता है तो अल्ट्रासांउड केंद्र कभी कभार चलता है. आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था तो यहां उपलब्ध ही नहीं है. पीएचसी प्रभारी भी महीने में मुश्किल से दो से तीन बार अस्पताल में आते हैं. यहां प्रतिनियुक्त अधिक चिकित्सक या मोतिहारी रहते हैं नहीं तो अपने घर पर रहते हैं. यहां बता दे कि सरकारी नियम के हिसाब से आउटडोर में 23 दवाएं होनी चाहिए, लेकिन यहां दवाओं का घोर अभाव है.
बुधवार को क्या थी स्थिति : बुधवार को पीएचसी में ओपीडी केंद्र बंद था. प्रभात खबर की टीम जब अस्पताल में पहुंची तो अल्ट्रासाउंड केंद्र भी बंद था. इस दौरान ड्यूटी पर कोई चिकित्सक मौजूद नहीं थे. एक्स-रे केंद्र भी बंद था. अस्पताल कर्मियों ने बताया कि बुधवार को डॉ मदन मोहन सिंह की ड्यूटी थे, लेकिन वह अस्पताल में नहीं थे. यहां बता दें कि नियम के अनुसार प्रत्येक अस्पताल में 8-8 घंटे का सिफ्ट होता है. जिसमें डॉक्टरों को ड्यूटी करनी होती है. अगर एक चिकित्सक 24 घंटे ड्यूटी करते है तो वे क्या ड्यूटी करेंगे इसका अनुमान लगाया जा सकता है.
प्रतिनियुक्त हैं आठ चिकित्सक : पीएचसी छौड़ादानो में कुल आठ चिकित्सक प्रतिनियुक्त हैं. जिसमें डॉ ऐजाज अहमद प्रभारी हैं और उनके साथ डॉ असलम, डॉ अनवारूल हक, डॉ श्याम किशोर, डॉ शंभूनाथ पटेल, डॉ ददन प्रसाद, डॉ बिनोद कॉपर, डॉ मदन मोहन सिंह छौड़ादानो में प्रतिनियुक्त हैं. इसके बाद भी अस्पताल की व्यवस्था ठीक नहीं हो पा रही है. जिससे मरीजों का लाभ नहीं मिल रहा है और सरकार का पैसा पानी की तरह बर्बाद हो रहा है.
क्या कहते हैं मरीज : बुधवार को प्रभात खबर की टीम जब छौड़ादानो पीएचसी में पहुंची तो इलाज कराने आये विजेन्द्र सिंह, सोहन ठाकुर, सुरेश सिंह, अजय सिंह सहित अन्य का कहना था कि हमलोग इलाज के लिए आये थे. डॉक्टर साहब नहीं आये थे, इसके कारण वापस जाना पड़ रहा है. अस्पताल की व्यवस्था काफी खराब है. जिससे हम मरीज परेशान हैं.
बंद रहता है मोबाइल : छौड़ादानो पीएचसी के प्रभारी डॉ एजाज अहमद का फोन अक्सर बंद रहता है. बुधवार को भी खबर के बाद बयान के लिए जब उनको फोन किया गया तो उनका फोन बंद था, जिसके कारण उनका पक्ष नहीं जाना जा सका.
पीएचसी में बंद पड़ा अल्ट्रासांउड केंद्र एवं छौड़ादानो स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र.
छौड़ादानो अस्पताल का हाल काफी खस्ता है. प्रभारी के नहीं आने के कारण इसे कोई देखने वाला नहीं है. जेरनेटर भी नहीं चलता है. इसको लेकर आगामी पंसस की बैठक में कार्रवाई के लिए प्रस्ताव लाया जायेगा.
रामएकबाल प्रसाद यादव, प्रखंड प्रमुख, छौड़ादानो
