कंपनी के आठ कर्मियों पर दर्ज करायी गयी एफआइआर
मोतिहारी : एटीएम में पैसा डालनेवाली आरसीआइ कैश मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मियों ने 56 लाख का गबन किया है. कर्मियों ने मोतिहारी के विभिन्न बैंकों से पैसा कलेक्शन किया, लेकिन एटीएम में पैसा नहीं डाला. जानकारी के बाद कंपनी के अधिकारी सरतचंद्र पंडा ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी.
उन्होंने कस्टोडियन शहर के बेलबनवा निवासी रविरंजन कुमार सिंह, छतौनी छोटाबरियारपुर के उमेश कुमार सिंह, धीरज कुमार व उज्ज्वल कुमार, लखौरा के रंजन कुमार व रौशन कुमार सिंह, तुरकौलिया के रामपुकार सिंह व पश्चिमी चंपारण के उगंत कुमार सिंह को आरोपित किया है. नगर इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गयी है. दारोगा धर्मजीत महतो को जांच अधिकारी बनाया गया है.
उन्होंने बताया कि दो-तीन बिंदुओं पर अनुसंधान किया जायेगा. जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कर्मियों ने बैंक से पैसा कलेक्शन किया, तो एटीएम में डाला की नहीं. उनके द्वारा या तो एटीएम में पैसा नहीं डाला गया होगा या फिर पैसा डाल गोपनीय पिनकोड के माध्यम से सारा पैसा निकाल लिया गया होगा, क्योंकि एटीएम का चेस्ट खोलने व बंद करने के लिए प्रत्येक टीम के दो कर्मियों को गोपनीय कोड दिया जाता है. बताते चलें कि आरसीआइ कैश मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड का मुख्यालय पटना के कुर्जी रोड प्रेम कुंज भवन में है. एनसीआर मुंबई से बिहार के विभिन्न बैंकों के 650 एटीएम में पैसा डालने का टेंडर मिला है,
जबकि मोतिहारी के 80 एटीएम में पैसा डालने की जिम्मेवारी मिली है. इसके लिए कंपनी ने आठ कर्मियों को बहाल कर रखा है. कंपनी को पैसा गबन की जानकारी अप्रैल 2016 में हुई. जांच पड़ताल के बाद दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. नगर इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम बनेगी.
