वीरगंज में गिरफ्तार शमीम का खुलासा
रक्सौल : सिमरन कांड में िगरफ्तार शमीम अख्तर शमीम नेपाल में बड़े पैमाने पर भारत से चोरी की गयी गाड़ियों को बेचता था. पुलिस की पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है. चोरी करनेवाले गिरोह में ढाका के असलम व असरफ के अलावा बेतिया के असगर उर्फ मोजाबिल अंसारी व अफगान मुख्य रूप से शामिल थे. नेपाली पुलिस सूत्रों की मानें तो शमीम अब तक 200 चोरी की गाड़ियां नेपाल में बेच चुका है.
बताया जाता है कि शमीम दो सालों से वीरगंज व गौर में रह रहा था. मोतिहारी पुलिस को इसकी भनक भी नहीं थी. बेतिया के अफगान ने यूपी के हरदोई एसपी की सरकारी गाड़ी की चोरी की.
लखनऊ स्पेशल ब्रांच की टीम रक्सौल-वीरगंज बॉर्डर पर काम कर रही थी. लखनऊ स्पेशल ब्रांच टीम के सदस्यों को शमीम के बारे में जानकारी मिली. यदि लखनऊ स्पेशल टीम सक्रिय नहीं होती है, तो शायद शमीम की गिरफ्तारी नहीं हो पाती. शमीम की गिरफ्तारी के बाद लखनऊ एटीएस, लखनऊ एसटीएफ, लखनऊ स्पेशल ब्रांच, पटना स्पेशल ब्रांच, पटना एटीएफ, एसटीएफ के साथ मोतिहारी पुलिस के कई अधिकारी पूछताछ कर चुके हैं.भारत और नेपाल पुलिस सूत्रों का
चोरी की दो
कहना है
कि शमीम स्मैक, जाली नोट, वाहन चोरी व लड़कियों का धंधा करता था. उसने स्वीकार किया कि सिमरन की मां खुशबू देवी उर्फ आसमां परवीन के साथ संबंध बनने के बाद वह ढाका छोड़ कर पश्चिम बंगाल चला गया. जहां वह अपराध छोड़ कर कुछ दिन के लिए कृषि व बालू का काम किया. इसी दौरान आसमां के कई अन्य प्रेमी उसे खोजते हुए बंगाल पहुंच गये. इसके बाद वह बंगाल छोड़कर ढाका चला आया. फिर से गाड़ी की चोरी और जाली नोट का धंधा शुरू कर दिया.
16 आइडी बरामद, एक प्रेस कार्ड भी
शमीम के पास से 16 आइडी बरामद किये गये हैं. इनमें उसका फोटो है. हर आइडी में नाम अलग-अलग है. बरामद आइडी में एक आइडी प्रेस का है. इसमें उसका नाम त्रिलोकीनाथ मिश्रा लिखा है. उसे मुजफ्फरपुर कार्यालय का प्रभारी बताया गया है. नेपाली पुलिस का मानना है कि पुलिस को चकमा देने के लिए शमीम प्रेस आइडी का इस्तेमाल करता था. उसके पास से राकेश कुमार सिंह, रामबालक सिंह, अब्दुल्लाह खां आदि नाम के आइडी हैं. इससे वह पुलिस को चकमा देता रहा है.
दो साल से वीरगंज व गौर में रह रहा था
नेपाल में चोरी की 200 गाड़ियां बेच चुका है शमीम
वीरगंज के नेशनल ट्रेडिंग के पास था शमीम का क्वार्टर
बेतिया का अफगान चोरी कर लाया था हरदोई एसपी का सरकारी वाहन
50 हजार रुपये में बिकी थी हरदोई एसपी की सूमो
