पटियाला की घटना के बाद सेंट्रल जेल की बढ़ी सुरक्षा
मोतिहारी : पंजाब के पटियाला नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद तमाम सेंट्रल व मंडल कारा की सुरक्षा चौकस कर दी गयी है. मोतिहारी सेंट्रल जेल प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया गया है. भले ही यहां आतंकी संगठन से जुड़े कैदी नहीं है, लेकिन नक्सली बंदियों व कुख्यात अपराधियों की संख्या अच्छी खासी है. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मोतिहारी : पंजाब के पटियाला नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद तमाम सेंट्रल व मंडल कारा की सुरक्षा चौकस कर दी गयी है. मोतिहारी सेंट्रल जेल प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया गया है. भले ही यहां आतंकी संगठन से जुड़े कैदी नहीं है, लेकिन नक्सली बंदियों व कुख्यात अपराधियों की संख्या अच्छी खासी है. फिलहाल सेंट्रल जेल में कैदियों की संख्या लगभग 25 सौ है.उसमें करीब 45 नक्सली व 25 कुख्यात अपराधी है. वहीं सजायवार कैदी 501 है.
इनकी निगरानी के लिए जेल के अंदर एक दर्जन जगहों पर सीसीटीवी कैमरा लगा है. सुरक्षा के संबंध में अधिकारियों से पूछा गया तो पता चला कि सेंट्रल जेल पहले से ही त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में है. जेल के बाहरी सुरक्षा में बीएमपी जवान तैनात है, जबकि अंदर में जेल के सुरक्षा कर्मियों की चौकस ड्यूटी रहती है. इसके अलावे जेल व उसकी चहारदीवारी के बीच पांच फीट का स्पेश है, जिसमें रोटेशन के अनुसार सुरक्षा कर्मियों की पेट्रोलिंग ड्यूटी लगायी जाती है.
यह जेल की त्रिस्तीयर सुरक्षा व्यवस्था है, जबकि मुख्य द्वार पर तलाशी के लिए जवानों की अलग से ड्यूटी लगी है. उनको हिदायत है कि जेल कैम्पस में प्राइवेट वाहन लेकर किसी को प्रवेश नहीं करने देना है. मुख्य द्वार से एक हजार मीटर की दूरी पर जेल है. यहां भी अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवान 24 घंटे ड्यूटी में तैनात रहते है. एक बड़ी सावधानी, पुलिस पदाधिकारी या उनके बॉडी गार्ड को हथियार लेकर जेल के अंदर प्रवेश की इजाजत नहीं है. यहां तक की जिलाधिकारी के बॉडीगार्ड को भी हथियार लेकर अंदर नहीं जाने दिया जाता. यह सावधानी जेल मैनुअल के आधार पर बरती जाती है.
बिना पहचान पत्र करायी जाती मुलाकात : बंदियों से मिलने आनेवाले मुलाकातियों के पहचान पत्र का फोटो कॉपी लिया जाता है, उसके बाद ही बंदियों से उनकी मुलाकात करायी जाती है. यहां तक की एक रजिस्टर रखा गया है, जिसपर मुलाकाती व बंदियों के बीच क्या रिश्ता है, यह भी अंकित किया जाता है.
त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में सेंट्रल जेल, हो रही पैट्रोलिंग
जेल में बंद हैं 25 सौ कैदी, 45 नक्सली इनमें शामिल
स्कैनर से होती है सामान की जांच
जेल गेट पर बैग स्केनर मशीन लगी है. जेल में जाने वाले सभी सामान स्केनिंग होकर ही अंदर जाते हैं. कोर्ट में पेशी से लौटने वाले बंदियों की जांच-पड़ताल के लिए मुख्य द्वार पर डोर मेटल डिटेक्टर मशीन लगी है. वहीं हैंड मेटर डिटेक्टर से भी बंदियों के शरीर की जांच-पड़ताल की जाती है.
सेंट्रल जेल की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है. हालांकि पंजाब जेल ब्रेक की घटना को देखते हुए सुरक्षा में तैनात जवानों को अलर्ट कर दिया गया है. उन्हें 24 घंटे चौकसी के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है. पेट्रोलिंग ड्यूटी की दिन में तीन बार निरीक्षण की जा रही है.