12 वें दिन बेटे की निकलती बरात, घर में हो रही थी मांगलिक गीत

हत्या की खबर घर पहंुची तो मच गयी चीख पुकार चिरैया : पछियारी सीतलपट्टी गांव में ओमप्रकाश के घर मांगलिक गीत हो रही थी, क्योंकि ठीक आज से 12 वें दिन उसके बेटे की बरात निकलने वाली थी. इसको लेकर घर में उत्सवी माहौल था. शादी की तैयारी में पूरा परिवार जुटा था. ओमप्रकाश शादी […]

हत्या की खबर घर पहंुची तो मच गयी चीख पुकार

चिरैया : पछियारी सीतलपट्टी गांव में ओमप्रकाश के घर मांगलिक गीत हो रही थी, क्योंकि ठीक आज से 12 वें दिन उसके बेटे की बरात निकलने वाली थी. इसको लेकर घर में उत्सवी माहौल था. शादी की तैयारी में पूरा परिवार जुटा था. ओमप्रकाश शादी का कार्ड बांटने बड़े बेटे सुबोध के साथ गांव में निकले थे. अचानक कुछ लोगों ने दोनों पर हमला कर दिया. उसके हाथ से शादी का कार्ड छूट कर जमीन पर बिखर गया, उसके बाद जो हुआ वह रोंगटे खड़े करने वाला था.
हमलावरों ने ओमप्रकाश को तब तक पीटा, जब तक उसकी शरीर बेचान नहीं हुई. सुबोध ने पिता को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने मारपीट कर उसको एक कमरे में बंद कर दिया. घटना की सूचना पर पुलिस फौरन पछियारी सीतलपट्टी गांव में पहंुची. तब तक एक हंसता-खेलता परिवार बिखर चुका था. मांगलिक गीत की जगह मातमी चींख-पुकार मची थी. पुलिस ने सुबोध को बंधक से मुक्त कराया. वह काफी डरा-सहमा था. उसकी नजर पिता के लाश और बगल में बिखरे छोटे भाई की शादी के कार्ड पर पड़ी तो दहार मार रोने लगा.
शादी का कार्ड पिता के खून से सन चुका था. उससे रहा नहीं गया,
चींख कर कहने लगा कि उप मुखिया उमाशंकर सिंह ने बापा को मार डाला. तब तक पागलों की तरह दौड़ता भागता सुबोध कुमार भी पहंुचा. उसके पीछे मां व परिवार के अन्य सदस्य भी चिंखते-चिल्लाते पहंुचे. शव से लिपट सभी इस कदर चींख, पुकार करने लगे कि पास में खड़े गांव के लोग भी अपनी आंसू नहीं रोक पाये. पीडि़त परिवार की हालत देख हर कोई रो दिया. किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि उनको समझा सके, चुप करा सके या ढांढस बंधा सके. पुलिस ने आगे बढकर उनको आश्वासन दिया कि हत्यारों को बख्शा नहीं जायेगा. तब ग्रामीण भी आगे आकर उनको ढांढस बंधा किसी तरह घर ले गये.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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