भारत माला प्रोजेक्ट में चकिया-ढाका-बैरगनिया पथ का चयन
मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिला अपने ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए पर्यटन की दृष्टि से भी राष्ट्रीय मानचित्र पर रेखांकित होने लगा है. सरकार ने पर्यटन की दृष्टि से बीआरटी टूरिज्म योजना के तहत अयोध्या से चकिया होते हुए शिवहर-सीतामढ़ी होकर जनकपुर राम जानकी मार्ग को रेखांकित करते हुए स्वीकृति दे दी है. दूसरी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिला अपने ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए पर्यटन की दृष्टि से भी राष्ट्रीय मानचित्र पर रेखांकित होने लगा है. सरकार ने पर्यटन की दृष्टि से बीआरटी टूरिज्म योजना के तहत अयोध्या से चकिया होते हुए शिवहर-सीतामढ़ी होकर जनकपुर राम जानकी मार्ग को रेखांकित करते हुए स्वीकृति दे दी है.
दूसरी ओर भारत माला प्रोजेक्ट के तहत चकिया से चोरमा-पकड़ीदयाल ढाका होते हुए बैरगनिया तक करीब 45 किमी सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गयी है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोनवर्षा-बैरगनिया-रक्सौल भारत माला प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति मिली है, जिसे स्थगित किया जा सकता है क्योंकि उक्त स्थानों से होकर इंडो-नेपाल बॉर्डर सड़क का निर्माण किया जा रहा है. कार्य की जिम्मेवारी एनएचएआइ को दी गयी है. रेखांकन के बाद एनएचएआइ सड़क निर्माण को ले अब डीपीआर तैयार करेगी. यहां उल्लेख है कि राम जानकी मार्ग की चर्चा पूर्व से चल रही थी लेकिन एनएचएआई को करीब तीन रोज पूर्व डीपीआर बनाने का प्रस्ताव मिला है.
सांसद रमा देवी ने
उठाया था मामला
केंद्र सरकार की योजना भारत माला प्रोजेक्ट से उपेक्षित व बॉर्डर को जोड़नेवाली महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण कराना है. इसी के तहत चकिया से चोरमा, पकड़ीदयाल, शिकारगंज, ढाका, कुशमहवा
होकर बैरगनिया(सीतामढ़ी) को जोड़ने की है.
बैरगनिया नेपाल (गौर) सीमा से एक किमी की दूरी पर है. इस सड़क के लिए सांसद रमा देवी ने भी संसद में आवाज उठायी थी. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उक्त सड़क टू लेन होगी, जिसकी चौड़ाई 10 मीटर तक होगी. इसके अलावे फ्लैंक का भी निर्माण किया जायेगा. राम जानकी मार्ग व भारत माला प्रोजेक्ट के तहत रेखांकित सड़कों का डीपीआर बनाने की कारवाई आरंभ हो गयी है.
अभी चलने लायक नहीं ढाका-पकड़ीदयाल पथ
सिकरहना अनुमंडल से पकड़ीदयाल अनुमंडल को जोड़नेवाली ढाका-पकड़ीदयाल पथ (14 किमी)अभी गढ्ढों के कारण वाहन कौन कहे पैदल चलने लायक भी नहीं है. उक्त पथ आरईओ ढाका व पकड़ीदयाल के अधीन है. ढाका राजद विधायक फैसल रहमान ने बताया कि सड़क मोटरेबुल बनाने के लिए प्रयास शीघ्र धरातल पर उतरेगा.
चकिया होकर राम-जानकी मार्ग
को मिली हरी झंडी
आयोध्या से जनकपुर को सीतामढ़ी होकर जोड़ेगी सड़क
ऐतिहासिकता के साथ पर्यटन दृष्टि से होगा पूर्वी चंपारण का विकास
एनएचएआइ को डीपीआर बनाने
का दिया गया निर्देश
सोनबरसा-रक्सौल भारत माला
पथ पर लग सकता है विराम
क्या है राम-जानकी मार्ग प्रोजेक्ट
यह सड़क भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या से माता सीता की जन्मभूमि जनकपुर को जोड़ेगी. एनएचएआइ के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार अयोध्या(यूपी) से मेहरौनी सिवान(यूपी बॉर्डर) तक यूपी सरकार के अधीन निर्माण कार्य होगा. इधर मेहरौनी (सीवान) में मशरख, राजपट्टी, केसरिया से चकिया तक एनएचएआइ निर्माण कार्य करायेगी. चकिया से मधुबन-शिवहर-सीतामढ़ी से जनकपुर तक एनएच 104 मार्ग है, जिसका चौड़ीकरण कार्य चल रहा है. इसके बन जाने से पर्यटक सीधे राम जन्मभूमि से माता सीता जन्म भूमि तक वाहन से घुम सकेंगे. चकिया के पस ही सीताकुंड है जहां विवदन्ति है कि शादी से लौटने के बाद इसी कुंड में माता सीता ने स्नान कर कंगन खोलाई विधि पूरा की थी.